गाजियाबाद (उप्र): 21 मार्च (ए) हरियाणवी डांसर मोनिका चौधरी ने लोनी पुलिस के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि बिना उनकी जानकारी के उनके भाई को अवैध रूप से हिरासत में लेकर अशोक विहार पुलिस चौकी ले जाया गया और इस दौरान उन्हें विधिक सहायता देने से इनकार किया गया।
चौधरी के मुताबिक, भाई की खोजबीन के दौरान फोन आने के बाद ही उन्हें उनके भाई के स्थान का पता चला। इसके बाद, उन्होंने भाजपा विधायक नंद किशोर गुज्जर से संपर्क किया जिनके हस्तक्षेप से उनके भाई को पुलिस हिरासत से रिहा किया गया।
चौधरी ने दावा किया कि पुलिस ने उनके भाई को हिरासत में लिए जाने के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस उनके भाई को किसी झूठे मामले में फंसा सकती है। उन्होंने कहा कि उन्हें लोनी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
हिंदू समुदाय और स्थानीय संगठनों से किसी तरह की मदद नहीं मिलने का हवाला देते हुए चौधरी ने इस्लाम धर्म अपनाने के अपने इरादे की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नारे जरूरत के वक्त महिलाओं को मदद उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने इस्लाम धर्म अपनाने के अपने इरादे का खुलासा किया, लेकिन कोई तिथि नहीं बताई।
संपर्क करने पर डीसीपी (ग्रामीण) सुरेंद्र नाथ तिवारी ने स्पष्ट किया कि स्थानीय विवाद के संबंध में पूछताछ के लिए एक व्यक्ति को पुलिस चौकी पर लाया गया था। कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी जिसकी वजह से पड़ोसी उसे चौकी पर लेकर आए और वह चौधरी का सगा भाई नहीं है। चौधरी उसे बेवजह इस मामले में घसीट रही हैं।यह मामला वर्तमान में विवेचना के अधीन है और लोनी एसीपी इसकी जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने पर आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी।