अयोध्या (उप्र): 25 नवंबर (ए)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर वैदिक मंत्रोच्चार और ”जय श्री राम” के नारों की गूंज के बीच भगवा ध्वज फहराया। इस अनुष्ठान के साथ ही मंदिर का निर्माण औपचारिक रूप से पूरा हो गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर भगवान श्रीराम और मां सीता की ‘विवाह पंचमी’ के अभिजीत मुहूर्त पर तिकोने झंडे का आरोहण किया। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अनुसार ध्वज पर ‘‘भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक चमकते सूर्य की तस्वीर है। इस पर कोविदार वृक्ष की तस्वीर के साथ ओम लिखा है।
उसने कहा कि भगवा ध्वज ‘‘रामराज्य के आदर्शों को दिखाते हुए गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा।’’
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि इस समारोह के साथ राम मंदिर का निर्माण औपचारिक रूप से पूरा हो गया।
यह ध्वज पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर शैली में बने शिखर पर फहराया गया, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय वास्तु शैली में डिजाइन किया गया घेरा) मंदिर की शिल्पविविधता को दिखाता है।
मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े 87 प्रसंग बारीकी से पत्थरों पर उकेरे गए हैं। घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग अंकित हैं।
ध्वजारोहण के मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यहां श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराने के लिए मंगलवार सुबह अयोध्या पहुंचे।
मोदी ने फेसबुक पर पोस्ट किया, “श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण उत्सव में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या पहुंचा!”प्रधानमंत्री अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे और फिर वहां से उनके वाहनों का काफिला रोडशो के रूप में रामपथ की तरफ बढ़ा। पूरे मार्ग पर विशेष सजावट की गई।
मंदिर परिसर जाते समय प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाओं और युवाओं समेत लोग रास्ते में दोनों ओर खड़े थे और उन पर फूल बरसा रहे थे।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, जब प्रधानमंत्री का काफ़िला धीमी गति से उनके पास से गुज़रा, तो सड़क किनारे कई लोग हाथ में राष्ट्रीय झंडा तो कुछ लोग कमल के निशान वाला भाजपा का झंडा लेकर खड़े थे।
रास्ते में लगे लाउडस्पीकर पर ‘राम धुन’ बजाई जा रही थी।
रोड शो के बाद प्रधानमंत्री मोदी नए बने सप्तमंदिर पहुंचे, जहां महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी के मंदिर हैं।
इससे पहले हवाई अड्डे पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर लिखा, ”सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।”
अयोध्या स्थित राम मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वजा फहराने का कार्यक्रम पूर्वाह्न 11.50 बजे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत की मौजूदगी में संपन्न हुआ। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
राय ने कहा कि यह ध्वज भगवा रंग का , 10 फुट चौड़ा और 20 फुट लंबा तथा तिकोना हैं। उन्होंने कहा कि इस पर ‘सूर्य’, ‘ओम’ और कोविदार वृक्ष के चिह्न बने है।
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