एक भैंस और उसके पाड़े पर दो लोगों ने दावा किया, चिकित्सा रिपोर्ट से सुलझा विवाद

राष्ट्रीय
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कोटा (राजस्थान): चार जनवरी (ए) कोटा में अधिकारियों को एक अनोखी स्थिति का सामना करना पड़ा जब दो व्यक्तियों ने एक ही भैंस और उसके पाड़े (भैंस का बच्चा) पर अपना दावा जताया, और स्थिति का समाधान तब हो सका जब एक चिकित्सा बोर्ड का गठन किया गया और मवेशियों को जांच के लिए पशु चिकित्सालय ले जाया गया।

पुलिस के अनुसार, नारायण विहार निवासी राम लाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी भैंस और पाड़ा लगभग एक महीने पहले गायब हो गए थे। वे लगातार उनकी तलाश कर रहे थे तभी दो दिन पहले उन्होंने जानवरों को उसी इलाके के रामचंद्रपुरा मार्गिया बस्ती में इंद्रजीत केवट के बाड़े में बंधा हुआ देखा। कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र में बालिता रोड निवासी इंद्रजीत केवट और रामलाल मेघवाल दोनों ने एक ही भैंस पर मालिकाना हक जताया. दोनों पक्ष थाने पहुंचे और जोर-शोर से अपना दावा करने लगे. हंगामा बढ़ता देख थाना अधिकारी कौशल्या गालव ने भैंस को गाड़ी में लोड कर थाने लाया गया. दोनों पक्षों ने भैंस को अपना बताते हुए पुरानी फोटो और अन्य दावे पेश किए, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं दे सके.इंद्रजीत केवट ने भैंस की उम्र करीब 7 साल बताई, जबकि रामलाल मेघवाल ने साढ़े 4 साल कहा. पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए पशु चिकित्सकों की टीम बुलाई और भैंस का मेडिकल परीक्षण करवाया. जांच रिपोर्ट में भैंस की उम्र 4 से 5 साल के बीच पाई गई, जो रामलाल मेघवाल के दावे से मेल खाती थी.विवाद सुलझाने के प्रयास में पुलिस ने दोनों पक्षों को मंदिर में कसम खाने और भैंस के साथ पुरानी फोटो दिखाने को कहा. इंद्रजीत केवट ने कुछ फोटो पेश किए, लेकिन रामलाल ने भी अपने दावे मजबूत रखे. दोनों पक्ष किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं हुए. आखिरकार मेडिकल रिपोर्ट को आधार मानते हुए पुलिस ने भैंस और उसके बछड़े को रामलाल मेघवाल को सौंप दिया.