रूस और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों पर लगी आखिरी बड़ी कानूनी पाबंदी खत्म हो गई है। आज यानी 5 फरवरी 2026 को न्यू स्टार्ट संधि (न्यू स्ट्रैटेजिक आर्म्स रिडक्शन ट्रीटी) की अवधि समाप्त हो गई। अब लगभग 50 साल बाद पहली बार दोनों देशों के रणनीतिक परमाणु हथियारों, जैसे अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें, सबमरीन से लॉन्च मिसाइलें और बॉम्बर पर कोई बाध्यकारी सीमा या नियम नहीं बचा है। इससे दुनिया में परमाणु हथियारों की नई होड़ शुरू होने का खतरा बढ़ गया है, और विशेषज्ञ इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मान रहे हैं। रूस ने कहा है कि वह अब अमेरिका के साथ रणनीतिक परमाणु हथियारों की संख्या को सीमित करने वाली न्यू स्टार्ट संधि से अब बंधा नहीं है, क्योंकि यह संधि गुरुवार को समाप्त हो रही है। इस बयान से वैश्विक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इसे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए “गंभीर क्षण” करार दिया है।रूसी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि अमेरिका ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस प्रस्ताव पर कोई जवाब नहीं दिया, जिसमें दोनों देशों से 12 महीने तक संधि के तहत मिसाइलों और तैनात परमाणु वारहेड्स की सीमाओं का पालन जारी रखने की बात कही गई थी। मंत्रालय ने कहा- हम मानते हैं कि न्यू स्टार्ट संधि के पक्षकार अब इसके तहत किसी भी दायित्व या पारस्परिक घोषणाओं से बंधे नहीं हैं। हमारी बातों को जानबूझकर अनदेखा किया जा रहा है, जो गलत और अफसोसजनक है।