नयी दिल्ली: सात अप्रैल (ए)) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) के लिए ‘‘अनारक्षित’’ रिक्तियां एक खुला पूल हैं, जहाँ योग्यता ही निर्णायक कारक होती है और किसी भी सामाजिक या विशेष श्रेणी के पात्र उम्मीदवारों को नियुक्त किया जा सकता है।
न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के एक फैसले को रद्द करते हुए कहा कि ‘‘अनारक्षित’’ श्रेणी कोई अलग ‘‘सामाजिक श्रेणी’’ नहीं है, बल्कि यह सभी के लिए एक खुला क्षेत्र है।