पांच नाबालिगों ने संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों को जासूसी में मदद की :एनआईए

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नयी दिल्ली: 18 मई (ए)) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने सोमवार को पाकिस्तान से जुड़े एक आतंकी षड्यंत्र से संबंधित मामले में पांच नाबालिगों के खिलाफ अपनी जांच रिपोर्ट दाखिल की। अधिकारियों ने बताया कि इस षड्यंत्र में भारत की सुरक्षा को खतरे में डालने के इरादे से आरोपियों पर संवेदनशील स्थानों की जासूसी करने का आरोप है।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के कौशांबी पुलिस थाने में मार्च में दर्ज किए गए जासूसी मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपियों पर रेलवे स्टेशनों के संवेदनशील स्थानों पर सौर ऊर्जा से चलने वाले कैमरे लगाने और उनसे पाकिस्तान में संदिग्ध आतंकवादियों को सीधे जानकारी उपलब्ध कराने का आरोप है।एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि पुलिस से जांच का जिम्मा लेने के बाद, एनआईए ने पाया कि पांचों नाबालिगों ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा को खतरे में डालते हुए संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों को संवेदनशील प्रतिष्ठानों की तस्वीरें और वीडियो, साथ ही उनके सटीक जीपीएस निर्देशांक प्राप्त करने में सहायता की।

एनआईए की जांच में पता चला है कि पांचों नाबालिगों ने अत्यंत महत्वपूर्ण प्रतिबंधित/संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध रूप से प्रवेश किया और पहुंच बनाई।

बयान में कहा गया है कि उन्होंने जासूसी कैमरे लगाने और भौगोलिक टैगिंग सहित तस्वीरों और वीडियो समेत संवेदनशील जानकारी को पाकिस्तान स्थित संदिग्ध आतंकवादियों तक पहुंचाने में सक्रिय सहायता प्रदान की।

जांच एजेंसी ने कहा कि उन्होंने संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों को भारतीय धरती पर आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारतीय सिम कार्ड प्राप्त करने और उनका उपयोग करने में भी सहायता की।

विस्तृत जांच रिपोर्ट गाजियाबाद स्थित किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की गई है, और इसमें यह भी कहा गया है कि शेष गिरफ्तार आरोपियों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ जांच जारी है।