हमीरपुर/पालनपुर: 13 जुलाई (ए)
) अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की घटना के बाद, दूसरे प्रमुख मंदिरों के प्रबंधन ने गिनती प्रक्रिया सख्त करते हुए कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले कपड़े पहनना अनिवार्य कर दिया है एवं अन्य सख्त नियम भी बनाये हैं।
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में बाबा बालक नाथ मंदिर और गुजरात का मशहूर अंबाजी मंदिर उन मंदिरों में शामिल हैं, जिन्होंने ऐसे नियम लागू किए हैं। कर्नाटक सरकार ने मंदिरों में चढ़ावे की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर में पहले से ही अधिकृत कर्मचारियों और अधिकारियों की मौजूदगी में तथा सीसीटीवी निगरानी के बीच नकद चढ़ावे की गिनती की जाती है।अब पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए बिना जेब वाले वस्त्र पहनना भी अनिवार्य कर दिया गया है। उधर, गुजरात के अंबाजी मंदिर में भी दान की गिनती के लिए कड़े दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, पूरी प्रक्रिया का 20 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से रिकॉर्डिंग होगी और फुटेज छह महीने तक सुरक्षित रखी जाएगी। दान गिनने वाले कर्मचारियों की गिनती कक्ष में प्रवेश से पहले पुलिस की मौजूदगी में मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी। उन्हें बड़े जेब वाले कपड़े पहनने की अनुमति भी नहीं होगी।वहीं, कर्नाटक सरकार की नई एसओपी के तहत मंदिरों में सीसीटीवी या वेब कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, दान के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और चढ़ावे की गिनती व लेखा-जोखा से जुड़े कई अन्य सुरक्षा उपाय भी निर्धारित किए गए हैं।