कांग्रेस नेताओं ने पटना में निकाला मोमबत्ती मार्च, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की

पटना बिहार
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पटना: 22 जुलाई (ए) कांग्रेस नेताओं ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार पर छात्रों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए पटना में मोमबत्ती मार्च निकाला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

कांग्रेस के देशव्यापी ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत 120 शहरों में आयोजित कार्यक्रमों की कड़ी में यह मोमबत्ती मार्च राज्य की राजधानी पटना में पटना कॉलेज से कारगिल चौक तक निकाला गया। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता रागिनी नायक ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक होने की घटना ने लाखों छात्रों के सपनों को चकनाचूर कर दिया और निराशा में 20 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली।

उन्होंने कहा, ‘‘हालिया नीट प्रश्नपत्र लीक प्रकरण के बाद निराश होकर 22 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। यह मोमबत्ती मार्च उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किया गया है।’’

नायक ने कहा कि इस मार्च का उद्देश्य उन छात्रों के प्रति एकजुटता प्रकट करना भी है जिनकी परीक्षाएं रद्द की गईं या दोबारा आयोजित कराई गईं तथा उन छात्रों के साथ भी जो उनके आरोप के अनुसार विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज, गाली-गलौज और आंसू गैस का सामना करने को मजबूर हुए।

उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रतीकात्मक मार्च के माध्यम से हम प्रत्येक प्रभावित छात्र को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता उनके संघर्ष में मजबूती से उनके साथ खड़ा है।’’

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की महासचिव और दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) की पूर्व अध्यक्ष नीतू वर्मा सोइन ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने ‘बर्बरतापूर्ण’ कार्रवाई की।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘जब किसान विरोध करते हैं तो उन्हें राष्ट्रविरोधी कहा जाता है। जब महिला पहलवान विरोध करती हैं तो उनके साथ मारपीट की जाती है। अब शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था और नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है तथा उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया जा रहा है।’’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार किया, जो सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नारे के विपरीत है।

उन्होंने विपक्ष के विरोध प्रदर्शनों से सरकार के निपटने के तरीके की भी आलोचना करते हुए दावा किया कि निर्वाचित सांसदों को जनता के मुद्दे उठाने से रोका गया और उन्हें सड़क पर घसीटा गया।

सोइन ने कहा, ‘‘सरकार के कथित सत्तावादी रवैये के खिलाफ कांग्रेस अपना अभियान जारी रखेगी।’’

उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी वापस लेने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।