नयी दिल्ली: 24 जुलाई (ए)
) राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अपने कर्मियों की सभी नियमित छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आदेश सभी जिला पुलिस उपायुक्तों (डीसीपी), विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ), इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है।
आदेश के अनुसार, अगले निर्देश तक आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश सहित कोई भी नियमित छुट्टी मंजूर नहीं की जाएगी। केवल वास्तविक आपात स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापन के बाद ही छुट्टी स्वीकृत की जाएगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि पुलिस आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी पुलिसकर्मी किसी प्रशिक्षण कार्यक्रम या पाठ्यक्रम में भाग नहीं ले सकेगा।
आदेश में कहा गया है, ‘‘मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस अधिकारियों सहित किसी भी पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक नियमित छुट्टी, जैसे आकस्मिक अवकाश, अर्जित अवकाश आदि नहीं दी जाएगी।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘केवल वास्तविक आपात स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा विधिवत सत्यापन और अनुमोदन के बाद ही छुट्टी मंजूर की जाएगी। सभी जिला पुलिस उपायुक्तों से अनुरोध है कि वे इसका कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।’’
आदेश के अनुसार, ‘‘अगले आदेश तक पुलिस अधिकारियों (जीओ) सहित कोई भी पुलिसकर्मी पुलिस आयुक्त की मंजूरी के बिना किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम या पाठ्यक्रम में भाग नहीं लेगा।’’
यह आदेश ऐसे समय जारी किया गया है, जब राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में प्रतियोगी परीक्षा प्रणाली में सुधार, नीट प्रश्नपत्र लीक सहित विभिन्न मुद्दों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर व्यापक विरोध-प्रदर्शन जारी है।
कॉजपा के नेतृत्व में 20 जुलाई को हजारों प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में ‘संसद चलो’ मार्च के लिए जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हुए।
मानसून सत्र के पहले दिन जब प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद हुई झड़पों में कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हो गए।