लाहौर: चार अगस्त (ए) पाकिस्तान ने ईरान के साथ कूटनीतिक संपर्क बढ़ाया है और पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची को चर्चा के लिए “जल्द से जल्द” इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया है।विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच एक भरोसेमंद मध्यस्थ की भूमिका को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, भले ही वह इस समय खुद को मीडिया की सुर्खियों से थोड़ा दूर रखकर शांत कूटनीति पर काम कर रहा है। जून में अमेरिका और ईरान के बीच पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए हुए सहमति पत्र पर पाकिस्तान ने ‘गारंटर’ के रूप में हस्ताक्षर किए थे।सोमवार को पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि विदेश मंत्री प्रधानमंत्री इशाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर गहन चर्चा की। इस बातचीत में कब्जे वाले पूर्वी येरुशलम में बिगड़ते हालात पर भी दोनों नेताओं ने चिंता जताई।पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस ताजा पहल का मुख्य उद्देश्य संकट की इस घड़ी में पाकिस्तान खुद को एक निष्पक्ष और विश्वसनीय मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।वर्तमान में खाड़ी में अनिश्चितता का माहौल और गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को तेहरान के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वाशिंगटन के साथ कोई वार्ता नहीं चल रही है। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि कूटनीतिक चर्चाएं जारी हैं, जबकि ईरानी अधिकारियों ने किसी भी तरह की बैठक या वार्ता से साफ इनकार किया है। इससे एक दिन पहले ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात के शीर्ष नेताओं के अनुरोध पर ईरान पर सैन्य हमले रोकने की बात स्वीकार की थी।
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