पॉर्न ऐप के रूप में वायरस इलेक्ट्रानिक उपकरणों तक पहुंच बना कर सकते हैं वित्तीय धोखाधड़ी: आई4सी

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नयी दिल्ली: 31 अगस्त (ए) राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई (एनसीटीएयू) ने सोशल मीडिया पर विज्ञापनों के जरिए प्रसारित किये जा रहे खतरनाक पॉर्नोग्राफी एप्लिकेशन से जुड़ी वित्तीय धोखाधड़ी में हुई वृद्धि को लेकर चेतावनी दी है।

एनसीटीएयू ने कहा कि ये एप्लिकेशन उपकरण को अपने नियंत्रण में ले लेते हैं और अपराधियों को अनधिकृत रूप से आपके खाते से वित्तीय लेने देन करने की सहूलियत देते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की साइबर अपराध रोधी एजेंसी एकीकृत साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) के अधीन काम करने वाली एनसीटीएयू के मुताबिक ‘नाइट प्ले’,‘रीलूप’, ‘किस’,‘वीमो’,‘रिवो’,‘नेक्सो’ और ‘विक्सा’ जैसे नामों से पॉर्नोग्राफी ऐप को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापनों या लिंक के जरिए प्रसारित किया जाता है। ये लिंक उपयोगकर्ता को ऐसी वेबसाइट तक पहुंचाते हैं जहां अश्लील सामग्री परोसी जाती है।

ये विज्ञापन संदिग्ध जालसाजी करने वाली वेबसाइटों पर ले जाते हैं, जहां अश्लील सामग्री होती है। इन वेबसाइटों के डोमेन मुख्य रूप से ‘डॉट लाइव’ पर खत्म होते हैं। इसके बाद उपयोगकर्ता को गूगल प्ले स्टोर के बाहर के स्रोत से एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए मनाया जाता है।

परामर्श में कहा गया, ‘‘ऐप इंस्टॉल होने के बाद, ऐसी अनुमतियां मांगी जाती है जो उसे अतिरिक्त एप्लिकेशन इंस्टॉल करने और पहुंच का गलत इस्तेमाल करके उपयोगकर्ता के उपकरण का नियंत्रण लेने की सुविधा देती हैं, जिससे वित्तीय धोखाधड़ी हो सकती है। कुछ ऐप वीपीएन भी इंस्टॉल करते हैं, जिसका इस्तेमाल हानिकारक या आपराधिक गतिविधियों से जुड़े इंटरनेट इस्तेमाल का स्थान बदलने के लिए किया जा सकता है। यह ऐप उपयोगकर्ता के उपकरण की सेटिंग्स के जरिए इसे हटाने से रोक सकता है।’’

कुछ मामलों में, वायरस उपयोगकर्ता को सामान्य उपकरण ‘सेटिंग्स’ के जरिए एप्लिकेशन को हटाने से रोक सकते हैं, जिससे पीड़ितों के लिए अपने फोन पर दोबारा नियंत्रण पाना मुश्किल हो जाता है।

अधिकारियों ने एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं को सलाह दी है कि वे केवल गूगल प्ले या दूसरे भरोसेमंद ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन इंस्टॉल करें और विज्ञापनों, वेबसाइटों या संदिग्ध लिंक से एपीके फाइलें डाउनलोड करने से बचें।

उपयोगकर्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अनजान ऐप्स को ‘उपकरण पहुंच अनुमति’ न दें और समय-समय पर इंस्टॉल किए गए ऐप की जांच करते रहें, साथ ही जिन ऐप को वे नहीं पहचानते, उन्हें हटा दें।

एनसीटीएयू ने ‘गूगल प्ले प्रोटेक्ट’ को ‘चालू’ रखने और एंड्रॉयड उपकरण को अपडेट रखने की सलाह दी। उपयोगकर्ताओं को अनधिकृत गतिविधि के लिए नियमित रूप से अपने बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन की जांच भी करने की सलाह दी गई है।