नयी दिल्ली: सात सितंबर (ए) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद निजी पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास संचालकों और राजनीतिक दलों के नेताओं के बीच “सांठ-गांठ” की स्वतंत्र जांच, देशभर में छात्रों के ठहरने से जुड़े आवास ढांचों का संरचनात्मक सुरक्षा ऑडिट कराने तथा दिल्ली विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए और छात्रावास बनाने की सोमवार को मांग की।
कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास ने यहां प्रेसवार्ता में सात मांगें रखते हुए न केवल ढह गयी इस इमारत के मालिक की, बल्कि शिक्षा के प्रमुख केंद्रों में सक्रिय “पीजी माफिया” की भी जांच की मांग की।
दास ने कहा, “हमारी पहली मांग है कि न सिर्फ इमारत के मालिक की, बल्कि पीजी मालिकों और सरकार में बैठे नेताओं के बीच की मिलीभगत की भी स्वतंत्र आपराधिक जांच होनी चाहिए।”
कॉजपा ने देशभर के स्कूल, कॉलेज और विद्यार्थियों के रहने के लिए इस्तेमाल आने वाले परिसरों, खासकर दिल्ली के मुखर्जी नगर जैसे बड़े इलाकों में स्थित ऐसी इमारतों का इंजीनियरिंग स्तर का संरचनात्मक ऑडिट कराने की भी मांग की।
दास ने कहा, “युवा देश का भविष्य हैं। उनकी चिंताओं को दूर करना और उन्हें सुरक्षित माहौल देना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने मांग की कि ऐसे ऑडिट तय समय-सीमा के भीतर किए जाएं।
कॉजपा ने हौज रानी में आग लगने की घटना के बाद दिल्ली सरकार की ओर से अवैध और असुरक्षित इमारतों की पहचान करने के लिए बनाई गई 13 जिला समितियों के रिकॉर्ड को 48 घंटे के भीतर सार्वजनिक करने की भी मांग की।
दास ने कहा, “हमारी मांग है कि सरकार 48 घंटे के अंदर ये सभी रिकॉर्ड अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित करे। रिकॉर्ड में समितियों के गठन, रोजाना और साप्ताहिक रिपोर्ट, निरीक्षण से गुजरे इमारतों, पकड़ी गई गड़बड़ियां, जारी किए गए नोटिस, गिराने के आदेश और अधिकारियों एवं मालिकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी शामिल होनी चाहिए।”
दास ने कहा, “और सबसे जरूरी बात : आप इसका जवाब दें कि क्या आपने इन समितियों के जरिये सत्य निकेतन का निरीक्षण किया?”
उन्होंने कहा कि कॉजपा छात्रों के रहने की जगहों का एक ऐसा डेटाबेस बनाने की भी मांग करती है, जिसे कोई भी ऑनलाइन देख सके, ताकि छात्र उन इमारतों के संरचनात्मक और सुरक्षा प्रमाणपत्र की जांच कर सकें, जिनमें वे रहते हैं।
दास ने बताया कि कॉजपा दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए और छात्रावास बनाने की भी मांग करती है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि मौजूदा छात्रावास सुविधा की क्षमता लगभग 7,000 है, जबकि विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या लाखों में है।
दास ने कहा कि कॉजपा हादसे में मारे गए हर व्यक्ति के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 20 लाख रुपये के मुआवजे की भी मांग करती है।
उन्होंने बताया कि मंत्रियों, खासकर दिल्ली के शहरी विकास, योजना और शिक्षा मंत्री आशीष सूद की जवाबदेही तय किया जाना संगठन की सातवीं मांग है।
उन्होंने कहा कि यह हादसा अवैध निर्माण पर लगाम लगाने में विफलता और निजी पीजी आवास को विनियमित करने में व्यापक विफलता, दोनों को दर्शाता है।
