ईरान के पांच तेल टैंकरों पर अमेरिका का हमला,जवाब में ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार की

अंतरराष्ट्रीय
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तेहरान, दुबई-वाशिंगटन,नौ सितंबर (ए)। अमेरिकी सेना ने मंगलवार को कहा कि उसने अपने युद्धपोतों पर हुए ताजा हमलों के जवाब में ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। इसके बाद तेहरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।

छह महीने से अधिक समय से जारी युद्ध में दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमलों की यह ताजा कड़ी है, जिससे दोनों देश एक बार फिर लड़ाई की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। अमेरिका ने ईरान की 36 संस्थाओं पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं। इस बीच ईरान ने भी एक अमेरिकी ड्रोन कब्जे में लेने का दावा किया है। ईरान ने खारग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी सेना के हमले के प्रतिशोध में मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने बहरीन और कुवैत के पास तेल टैंकरों पर तैनात चालक दल को एक साथ चेतावनी दी कि वे अपने जहाज “तुरंत” छोड़ दें। विशेष रूप से, आईआरजीसी नौसेना ने 8-9 सितंबर की देर रात एक “तत्काल चेतावनी” जारी की, जिसमें इन दोनों खाड़ी देशों के बंदरगाहों और लंगरगाहों के आसपास तेल टैंकरों पर तैनात चालक दल को अपने जहाज तुरंत छोड़ने का निर्देश दिया गया।

“हम कुवैती और बहरीन के बंदरगाहों के आसपास मौजूद तेल टैंकरों के सभी चालक दल के सदस्यों को चेतावनी देते हैं कि वे अपने जहाजों को तुरंत छोड़ दें, चाहे वे लंगर डाले हों या डॉक पर खड़े हों, क्योंकि वे हमले का निशाना बन सकते हैं,” आईआरजीसी नौसेना कमान ने कहा।इस बयान में बहरीन और कुवैत पर अमेरिका को सेना तैनात करने की अनुमति देने और ईरानी जहाजों को निशाना बनाकर किए गए वाशिंगटन के हमलों में “साझेदार” के रूप में काम करने का आरोप लगाया गया।

इसके तुरंत बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई शुरू हो गई, जिसमें ऑनलाइन प्रसारित कई वीडियो में ईरान भर में कई स्थानों से बैलिस्टिक मिसाइलें दागी जाती दिखाई दे रही हैं, जो क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही हैं।इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्‍क‍ियन ने मंगलवार को कहा कि उनका देश पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि ‘आक्रमण करने वालों’ को अपने कदमों पर पूरी तरह पछतावा न हो जाए. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि ईरान हमेशा युद्ध का विरोध करता रहा है. पेजेश्‍क‍ियन ने लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान हमेशा युद्ध के खिलाफ रहा है. हमारा मानना है कि लोगों के हितों की रक्षा और पश्चिम एशिया क्षेत्र की सुरक्षा बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका युद्ध भड़काने से बचना है.”उन्होंने आगे कहा, “लेकिन जिस तरह ईरान ने अब तक साहस के साथ हर आक्रमण का मुकाबला किया है, उसी तरह वह आगे भी पूरी ताकत के साथ अपना प्रतिरोध जारी रखेगा, जब तक कि आक्रमण करने वालों को अपने किए पर पूरा पछतावा न हो जाए. ईरान अपने महान लोगों के अधिकारों की रक्षा करता रहेगा.”