तीन दिन में नौ बच्चों की डूबने से मौत

गोपालगंज बिहार
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गोपालगंज/मोतिहारी/सिवान: चार अक्टूबर (ए) बिहार के सिवान, गोपालगंज और पूर्व चंपारण जिलों में पिछले तीन दिन में चार लड़कियों समेत नौ बच्चों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।

मीरगंज थाना प्रभारी राजीव रंजन सिंह ने बताया कि गोपालगंज जिले में 13 साल के आदित्य कुमार और सागर कुमार की शनिवार को जितिया पर्व के दौरान दहा नदी में नहाते समय डूबने से मौत हो गई।

जितिया एक क्षेत्रीय त्योहार है, जिसमें माताएं अपने बच्चों की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए प्रार्थना करती हैं।

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूर्वी चंपारण जिले के बंजारिया थाना क्षेत्र के रोहिनिया गांव में 12 साल की मनीता कुमारी शनिवार शाम करीब चार बजे तिलावे नदी में नहाते समय डूब गई।

अधिकारी के मुताबिक, जितिया पर्व के मौके पर वहां कई लोग नहा रहे थे, तभी तीन लड़कियां गहरे पानी में फिसल गईं। एक महिला ने अपनी साड़ी फेंककर उनमें से दो को तो बचा लिया, लेकिन मनीता गहरे पानी में बह गई।

अधिकारी ने बताया कि मनीता का शव रविवार दोपहर को मिला, जिसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया गया।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को बंजारिया थाना क्षेत्र में ही तीन किशोरों की खड़वा नहर में डूबने से मौत हो गई। ये तीनों वहां एक दोस्त का जन्मदिन मनाने गए थे।

अधिकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान शमीम आलम (17), शकील अंसारी (17) और यशराज (16) के तौर पर हुई है, जो चिलाहा ताल के रहने वाले थे।

बंजारिया क्षेत्राधिकारी कृष्ण प्रताप सिंह ने बताया कि अपराह्न करीब तीन बजे छह किशोर मोटरसाइकिल से खड़वा नहर पहुंचे और जन्मदिन का केक काटने के बाद उनमें से तीन नहाने के लिए पानी में उतर गए।

सिंह ने बताया कि नहर में बाढ़ की स्थिति के कारण वे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाए और डूब गए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने तीनों शव पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिए।

अधिकारियों ने बताया कि सिवान जिले के रामपुर गांव में शनिवार शाम एक तालाब में डूबने से अंशु कुमारी (14), अनीशा कुमारी (16) और अंजलि कुमारी (16) की मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ, जब तालाब में नहाते समय एक लड़की सांस के लिए छटपटाने लगी और बाकी दो लड़कियां उसे बचाने के लिए पानी में उतर गईं।

अधिकारियों ने बताया कि मृत लड़कियों के परिजन ने उनका पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि परिजन ने स्पष्ट किया है कि लड़कियों की मौत जितिया पर्व के दौरान नहीं हुई