अदन (यमन): पांच अक्टूबर (एपी) ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दक्षिण-पश्चिमी यमन में सोमवार को और अधिक क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। उन्होंने एक महत्वपूर्ण शहर पर नियंत्रण हासिल कर सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों को झटका दिया और क्षेत्र की रणनीतिक प्रांतीय राजधानी की ओर बढ़ गए।
तुरबह शहर पर रविवार को हूतियों का कब्जा हुआ था। इसके कुछ ही समय बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार ने हूतियों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की घोषणा की। सऊदी अरब और हूतियों के बीच बढ़े तनाव ने चार साल से जारी संघर्ष विराम के बाद यमन के गृहयुद्ध को फिर भड़का दिया है।तुरबह एक प्रमुख मार्ग पर स्थित है, जो प्रांतीय राजधानी ताइज़ को बंदरगाह शहर अदन से जोड़ता है। अदन यमन की सरकार का अंतरिम मुख्यालय है। वर्षों से यह शहर ताइज़ की रक्षा करने वाले सरकारी बलों का प्रमुख ठिकाना रहा है।
इससे पहले हूतियों ने ताइज़ के बाहरी इलाकों में कई गांवों और क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था। इन लगातार बढ़ते हमलों से विद्रोहियों के लिए यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताइज़ की घेराबंदी का रास्ता साफ हुआ है।
सितंबर की शुरुआत में हूतियों ने लाल सागर के तट पर यमन के पश्चिमी हिस्से में तेजी से बढ़त बनाई। विद्रोहियों ने रणनीतिक शहर मोखा और लाल सागर के कई द्वीपों पर कब्जा कर लिया। इससे उन्हें बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य के यमनी हिस्से पर नियंत्रण हासिल हो गया। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से दुनिया का करीब 12 प्रतिशत व्यापार गुजरता है।
सऊदी अरब समर्थित यमनी सरकार ने रविवार को घोषणा की कि वह सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में सैनिकों को लामबंद कर रही है।
सत्तारूढ़ राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में कहा कि अभियान का उद्देश्य हूतियों के कब्जे वाले ‘‘शेष क्षेत्रों को वापस हासिल करना’’ है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी सरकार को समर्थन देने की अपील की।
अल-अलीमी की घोषणा के कुछ घंटे बाद सऊदी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने हूतियों का ‘‘खात्मा’’ होने तक यमनी सरकारी बलों को ‘‘पूर्ण अभियानगत समर्थन’’ देने का संकल्प लिया।
अल-मलिकी ने यह भी कहा कि सऊदी अरब को विद्रोहियों को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। हूती करीब तीन महीने से सऊदी अरब और यमनी सरकारी बलों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं।
