नयी दिल्ली: 16 अक्टूबर (ए) पुलिस की भारी तैनाती के बीच शुक्रवार शाम कनॉट प्लेस और मंडी हाउस में राष्ट्रीय ध्वज लिए कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के सैकड़ों समर्थकों और छात्र संगठनों के सदस्यों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस के इनर सर्किल में पैदल मार्च किया और अलग-अलग जगहों पर रुक-रुक कर ‘जय हिंद’ के नारे लगाए। कुछ लोगों ने राष्ट्रगान भी गाया। वे इस दौरान तितर-बितर होने के साथ ही फिर से इकट्ठा होते रहे। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के छात्रों और सदस्यों ने मंडी हाउस पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने और 2023 के निर्वाचन आयुक्त नियुक्ति संबंधी अधिनियम को वापस लेने की मांग की।
जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने का प्रयास किया, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच मामूली कहासुनी हो गई।
हालांकि पुलिस ने कॉजपा के नेता अभिजीत दीपके और आइसा प्रमुख नेहा बोरा को हिरासत में ले लिया। दोनों कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।
दीपके को झंडेवालान स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया, जबकि बोरा को मंडी हाउस इलाके से हिरासत में लिया गया।
ये प्रदर्शन कॉजपा के ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च के आह्वान पर हो रहा था। संगठन ने शाम पांच बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा लहराने का ऐलान किया था।
हालांकि, पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति नहीं दी थी। सेंट्रल पार्क को शुक्रवार और शनिवार को आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है।
पत्रकार और स्वतंत्र यूट्यूब रिपोर्टर इन प्रदर्शनों को कवर करते देखे गए। इस दौरान कुछ स्वतंत्र यूट्यूब पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की गई।
कानून और व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए नयी दिल्ली इलाके में 6,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 220 कंपनियों को तैनात किया गया है।
