लखनऊ: 26 अक्टूबर (ए) समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें साधु-संतों की तरह ‘गद्दी’ नहीं, बल्कि जनता के लिए काम करने के वास्ते ‘कुर्सी’ चाहिए।
यादव ने पार्टी राज्य मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव को दोबारा उत्तर प्रदेश की गद्दी नहीं मिल पाने संबंधी आदित्यनाथ के दावे के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ भाई, हम कोई साधु-संत थोड़ी हैं जो हमें गद्दी चाहिए। हमें तो कुर्सी चाहिए और कुर्सी इसलिए चाहिए ताकि जनता के लिए काम कर सकें।”दरअसल, आदित्यनाथ ने कानपुर में महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर अपने संबोधन में तंज करते हुए कहा था, ”अखिलेश जी, आपको एक बार सत्ता विरासत से मिल गई थी, लेकिन काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती। आपके कारनामों को देखकर जनता आपको विदा कर चुकी है।”
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य सामाजिक न्याय की व्यवस्था लागू करना है और इसके लिए वह पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज को एकजुट करने का प्रयास करेगी।
यादव ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मतदान के दिन फर्जी आधार कार्ड बनवाकर वोट डलवाती है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से कथित तौर पर हो रही ‘वोट फिक्सिंग’ समाप्त होनी चाहिए।
सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘फिक्सिंग नहीं होनी चाहिए। इससे लोकतंत्र कमजोर होगा, संविधान कमजोर होगा और देश की जनता का संस्थाओं से भरोसा उठ जाएगा।’’
यादव ने आरोप लगाया कि संस्थाओं में भी भेदभाव बढ़ रहा है और उनके भीतर ‘विभाजनकारी सोच’ जगह बना रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।
