बिहार में एक दिसंबर से शुरू होगा बिजली सब्सिडी छोड़ने के लिए अभियान

पटना बिहार
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पटना: आठ नवंबर (ए) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों और आयकरदाताओं से 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील दोहराते हुए रविवार को कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में एक दिसंबर से विशेष अभियान शुरू करेगी।

चौधरी ने पटना के झुग्गी-बस्ती क्षेत्रों के लोगों के साथ दिवाली मनाने के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत में यह घोषणा की। उन्होंने स्थानीय निवासियों के बीच मिठाइयां भी बांटीं।मुख्यमंत्री ने पिछले सप्ताह पटना में आयोजित युवा संसद में कहा था कि राज्य सरकार बिजली सब्सिडी पर सालाना करीब 23,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। उन्होंने संपन्न परिवारों से 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की थी, ताकि बचाए गए संसाधनों का इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सके।

उन्होंने रविवार को कहा, ‘‘इस अभियान के तहत लोगों को स्वेच्छा से सब्सिडी का लाभ छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह लोगों से एलपीजी सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी, उसी तरह हम भी यह अपील कर रहे हैं।

’’चौधरी के मुताबिक, सरकार प्रत्येक परिवार को सालाना करीब 10,000 रुपये की बिजली सब्सिडी देती है। उन्होंने कहा कि जो परिवार स्वेच्छा से इस सुविधा का त्याग करेंगे, उन्हें उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से आदिवासी क्षेत्रों तथा दलित एवं अन्य अति पिछड़े समुदायों के लोगों के बीच जाकर दीपावली मनाने को कहा है।उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारियों को लोगों के सुख-दुख में शामिल होना चाहिए। त्योहार सभी को मिलकर मनाने चाहिए और कोई भी इससे वंचित नहीं रहना चाहिए।’’

चौधरी ने बस्तर में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दीपावली मनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री 21 नवंबर को बिहार आएंगे और इस दौरान कई विकास एवं बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।