ईरान युद्ध के कारण यूरोप में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइलों की कमी का संकट और गहराया

अंतरराष्ट्रीय
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वाशिंगटन: 27 अगस्त (एपी) अमेरिकी सेना को यूरोप में उन्नत मिसाइल रोधी इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी के ‘गंभीर संकट’ का सामना करना पड़ रहा है जो अब काफी गहरा गया है। यूरोप में तैनात एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी और नाटो के एक अधिकारी ने ‘एपी’ को बताया कि इसकी बड़ी वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के साथ युद्ध है।

इससे इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि संभावित रूसी हमले की स्थिति में नाटो के सदस्य देशों की सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, नाटो अधिकारी ने यूरोप में पैट्रियट मिसाइलों की कम संख्या की पुष्टि की। पैट्रियट मिसाइलें रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों को नेस्तनाबूत करने में सक्षम हैं। नाटो के अधिकारी ने भी यूरोप में अमेरिकी और नाटो बलों के पास पैट्रियट मिसाइलों के कम होते भंडार की पुष्टि की। हालांकि, दोनों अधिकारियों ने संवेदनशील सैन्य जानकारी होने की वजह से अपनी पहचान उजागर नहीं की। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अगर रूस किसी सैन्य मुख्यालय या बिजली संयंत्र पर हमला करता है तो नाटो यूक्रेन जैसी स्थिति में आ सकता है और उसे लगातार मार खानी पड़ सकती है। यह कमी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध के फैसले का नतीजा है। यह संघर्ष शुक्रवार को छह महीने पूरा कर रहा है। यूरोप के अमेरिकी मिसाइल भंडार मध्य पूर्व भेजे गए, जहां अमेरिका और खाड़ी सहयोगियों ने ईरानी ड्रोन व मिसाइलों के खिलाफ बड़ी संख्या में पैट्रियट इंटरसेप्टर इस्तेमाल किए। कुछ हमलों में अमेरिकी सैनिक भी मारे गए और घायल हुए। हालांकि अभी नाटो देशों पर रूस के बैलिस्टिक हमले की संभावना नहीं बताई जा रही। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ इस सप्ताह मॉस्को गए और रूस को हमले से बचने की चेतावनी दी। ट्रंप ने इस दौरे को ‘एक तरह की नियमित प्रक्रिया’ बताया। यूरोपीय और नाटो अधिकारी कहते हैं कि रूस 2030 तक हमला करने की स्थिति में आ सकता है। तब तक भंडार भरने की उम्मीद है। फिलहाल यूक्रेन युद्ध रूस की दो मोर्चों पर हवाई लड़ाई की क्षमता सीमित कर सकता है। अमेरिकी रक्षा अधिकारी के अनुसार, यूरोप में अमेरिकी सेना के पास किसी संभावित लंबे समय तक चलने वाले बैलिस्टिक मिसाइल हमले को रोकने के लिए पर्याप्त पैट्रियट मिसाइल नहीं हैं। एक अकेली बैलिस्टिक मिसाइल या रास्ता भटककर आने वाली रूसी मिसाइल के खिलाफ भी बचाव की क्षमता बहुत सीमित बताई गई है। नाटो के एक अधिकारी ने भी यूरोप में अमेरिकी और नाटो बलों के पास पैट्रियट मिसाइलों का भंडार कम होने की पुष्टि की है।

अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। इनमें पैट्रियट मिसाइलें भी शामिल हैं। यूरोप में मौजूद अमेरिकी मिसाइल भंडार का कुछ हिस्सा मध्य पूर्व भेजे जाने से वहां उपलब्ध हथियारों की संख्या और घट गई। इस संघर्ष में कुछ अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और घायल होने की भी जानकारी दी गई है। पैट्रियट मिसाइलों की कमी का सबसे गंभीर असर यूक्रेन में दिखाई दे रहा है। यूक्रेन लंबे समय से अधिक हवाई रक्षा सहायता की मांग कर रहा है। पहले अमेरिका की ओर से यूक्रेन को भेजे गए पैट्रियट सिस्टम और मिसाइलों से भी अमेरिकी भंडार कम हुआ है। यूक्रेन का कहना है कि रूस की उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में अमेरिकी पैट्रियट ही सबसे प्रभावी हैं और हाल के हमलों में ऐसी कई मिसाइलें यूक्रेन की रक्षा व्यवस्था को भेदने में सफल रही हैं।