आबकारी नीति मामला: अदालत ने सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच का निर्देश दिया

राष्ट्रीय
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नयी दिल्ली: 27 फरवरी (ए)) दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और 22 अन्य को आबकारी नीति मामले में आरोपमुक्त कर दिया और एक लोकसेवक को फंसाने को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ विभागीय जांच की अनुशंसा की।

विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने जांच में हुई खामियों को उजागर करते हुए अपने 598 पृष्ठों के आदेश में कहा, ‘‘अदालत का कर्तव्य गढ़ी गई जांच सामग्री को खारिज करना भर ही नहीं है, बल्कि आरोपी संख्या 1 (कुलदीप सिंह) को आरोपी के रूप में फंसाने के लिए दोषी जांच अधिकारी (आईओ) के खिलाफ उचित विभागीय कार्यवाही शुरू करने की अनुशंसा करना भी है।’

सुनवाई के दौरान अदालत ने सीबीआई की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए और जांच के दौरान सरकारी गवाहों के बयानों के इस्तेमाल को लेकर एजेंसी को कड़ी फटकार लगाई। जज ने टिप्पणी की कि किसी आरोपी को क्षमादान देकर उसे सरकारी गवाह बनाना और फिर उसके बयानों का इस्तेमाल जांच की कमियों को भरने या नए लोगों को आरोपी बनाने के लिए करना संवैधानिक सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि अगर इस तरह के आचरण की अनुमति दी गई, तो यह न्याय व्यवस्था के लिए गलत मिसाल होगी। अदालत ने माना कि 23 आरोपियों में से किसी के भी खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई ठोस मामला नहीं बनता है।