नयी दिल्ली: 25 फरवरी (ए
) दिल्ली उच्च न्यायालय ने योग गुरु रामदेव के नाम, तस्वीर, आवाज और उनके व्यक्तित्व की अन्य विशेषताओं के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगा दी है, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डीपफेक वीडियो के माध्यम से निर्मित सामग्री सहित सभी प्रारूपों एवं माध्यमों में उनका उपयोग शामिल है।
अंतरिम आदेश में रामदेव के व्यक्तित्व अधिकारों का सरंक्षण करते हुए, न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि डीपफेक वीडियो और सोशल मीडिया वेब पेज जिनमें रामदेव को उत्पादों, उपचारों या दवाओं को बढ़ावा देते हुए दिखाया गया है, उससे उनकी सार्वजनिक छवि प्रभावित होती है और उनकी विश्वसनीयता धूमिल हो सकती है।