नयी दिल्ली: 13 अप्रैल (ए) ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली ने सोमवार को कहा कि अगर अमेरिका ‘‘गैरकानूनी मांगों’’ से परहेज करता है और तेहरान की शर्तों को स्वीकार करता है तो तेहरान एक और दौर की शांति वार्ता के लिए तैयार है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी प्रभावी हो गई है, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
पाकिस्तान में हुई 21 घंटे की ऐतिहासिक वार्ता में शांति समझौते पर पहुंचने में अमेरिका और ईरान विफल रहे, जो रविवार सुबह बेनतीजा समाप्त हो गई और दोनों पक्ष गतिरोध के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास कर रहे हैं।
फताअली ने ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले जहाजों पर अमेरिकी सैन्य नाकेबंदी का जवाब देते हुए कहा कि वाशिंगटन ईरान की ताकत से वाकिफ है और तेहरान ‘‘सभी विकल्पों’’ के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ईरानी दूतावास में मीडिया को संबोधित करते हुए फताअली ने कहा, ‘‘यदि आप किसी भी राजनयिक प्रक्रिया में प्रगति चाहते हैं, तो दोनों पक्षों को बातचीत के लिए तैयार रहना चाहिए। और उन्हें गैरकानूनी मांगों से बचना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे उच्च पदस्थ अधिकारियों ने कहा है कि हम शांति के लिए तैयार हैं, हम बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन आपको यह भी पता होना चाहिए कि ईरान युद्ध के लिए भी तैयार है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे तीन-चार दिनों में युद्ध समाप्त करना चाहते थे, लेकिन युद्ध की अवधि, दायरा और भौगोलिक स्थिति हमारे नियंत्रण में है। 42 दिनों के युद्ध के बाद आप यह स्थिति देख सकते हैं।’’
ईरानी राजदूत इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या ईरान वार्ता के एक और दौर के लिए तैयार है, क्योंकि इस्लामाबाद में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा समाप्त हो गई थी।
फताअली ने कहा कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत के दौरान ईरानी पक्ष ने परमाणु मुद्दे, युद्ध क्षतिपूर्ति और प्रतिबंधों से राहत सहित कुछ ‘‘महत्वपूर्ण बिंदुओं’’ को उठाया था।
ईरान-अमेरिका वार्ता के बेनतीजा समाप्त होने के कुछ घंटों बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी सेना सोमवार को (भारतीय समायनुसार) शाम 7:30 बजे से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के प्रवेश या निकास को रोकने के लिए नाकेबंदी शुरू करेगी और ईरानी बंदरगाहों तक आवाजाही को रोक देगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य एक महत्वपूर्ण नौवहन मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल और एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) का लगभग 20 प्रतिशत परिवहन होता है।
फताअली से जब ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष ‘‘हमारी ताकत और सामर्थ्य से बखूबी वाकिफ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे उच्च पदस्थ अधिकारियों ने कहा है कि वे सभी विकल्पों के लिए तैयार हैं। आप हमारी प्रतिक्रिया और जवाब में इसे देख सकते हैं।’’
ईरानी राजदूत ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के ‘‘जलक्षेत्र’’ का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि ईरान जल्द ही इस जलमार्ग के उपयोग के लिए एक तंत्र की घोषणा करेगा।
फताअली ने कहा, ‘‘ईरान ने घोषणा की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र का हिस्सा है, और हमने कहा है कि निकट भविष्य में हम इस जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए एक तंत्र की घोषणा करेंगे।’’
इस बीच, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भारत पश्चिम एशिया में होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित घटनाक्रमों पर करीबी नजर रख रहा है।
जायसवाल ने कहा, ‘‘जैसा कि हम पहले भी लगातार कहते रहे हैं, संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए तनाव कम करना, संवाद और कूटनीति आवश्यक हैं। हमें उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह बना रहेगा।’’
इस सवाल के जवाब में कि क्या भारतीय जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए टोल देना होगा, फताअली ने सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि ईरान के भारत के साथ अच्छे संबंध हैं। साथ ही, उन्होंने 28 फरवरी को पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच दो बार हुई फोन पर बातचीत का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि इस क्षेत्र में ईरान और भारत के हित एक समान हैं। मेरा यह भी मानना है कि इस क्षेत्र में ईरान और भारत का साझा भविष्य है।’’
ईरानी राजदूत ने कहा कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से इजराइल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों में 3,753 लोग मारे गए हैं, जिनमें 887 महिलाएं और 18 वर्ष से कम उम्र के 221 बच्चे शामिल हैं।
फताअली ने कहा कि इन हमलों में 4,989 महिलाओं और 1,979 बच्चों सहित 30,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इजराइल और अमेरिका ने अस्पतालों, आवासीय बस्तियों, मनोरंजन स्थलों, धार्मिक स्थलों, पुलों, रेलवे नेटवर्क और पेट्रोलियम अवसंरचना को निशाना बनाया है।