इजराइल की ईरान पर भारी बमबारी, दोनों देशों के बीच फिर जंग शुरू

अंतरराष्ट्रीय
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यरूशलम-तेहरान,आठ जून (ए) इजराइल ने सोमवार को ईरान के ऊपर भारी बमबारी की हैं जो अप्रैल की शुरुआत में नाजुक युद्धविराम लागू होने के बाद ईरान के ऊपर किया गया जोरदार हमला है।

इस हमले के बाद युद्ध समाप्त करने के मकसद से समझौते के लिए मध्यस्थता के प्रयास और जटिल हो गए हैं। दोनों देश फिर आमने-सामने हैं।

इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सोमवार को ईरान के कई इलाकों में भीषण हवाई हमले किए। इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है। इजरायली हमलों के बाद ईरान ने एहतियातन अपने सबसे प्रमुख हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। यह आक्रामक कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दोनों देशों के बीच युद्ध छिड़ने की आशंका बेहद बढ़ गई है, जबकि कुछ ही समय पहले तक यह माना जा रहा था कि दोनों पक्षों के बीच जल्द ही कोई समझौता हो सकता है। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, देश के प्रमुख शहरों इश्फाहान, तबरीज और राजधानी तेहरान में सिलसिलेवार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा, पश्चिम तेहरान के करज इलाके में भी भारी विस्फोट होने की खबरें हैं। इजरायल की सेना के प्रवक्ता ने इस अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि वायुसेना ने कुछ समय पहले ही पश्चिम और मध्य ईरान में स्थित चुनिंदा सैन्य ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है  ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने दावा किया है कि इस्राइल ने ईरानी जमीन पर एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। आईआरजीसी का बयान सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने जारी किया। बयान में कहा गया कि इस्राइल ने हवाई प्लेटफॉर्म से मिसाइल दागकर कई ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि हमले में हुए नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत रविवार को हुई, जब इजरायल ने दावा किया कि ईरान ने उस पर कई मिसाइलें दागी हैं। अप्रैल की शुरुआत में लागू हुए नाजुक युद्धविराम के बाद ईरान की ओर से किया गया यह पहला सीधा हमला था। इस मिसाइल हमले के बाद मध्यस्थों द्वारा युद्ध समाप्त करने के लिए किए जा रहे प्रयास और अधिक जटिल हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, इजरायल ने रविवार को दक्षिणी बेरूत के उपनगरों पर भी भीषण हमला किया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य घायल हो गए।

उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमलों का जवाब न देने का आग्रह किया और कहा कि इससे तीन महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति समझौते की बातचीत खतरे में पड़ जाएगी।