मुंबई: 28 जनवरी (ए) पुणे जिले में बुधवार सुबह विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह घटना तब हुई जब अजित पवार (66 वर्ष) का विमान पुणे के बारामती इलाके में उतर रहा था।
फ्लाइट रडार’ के अनुसार, विमान ने मुंबई से सुबह आठ बजकर 10 मिनट पर उड़ान भरी और सुबह करीब आठ बजकर 45 मिनट पर यह रडार की पहुंच से गायब हो गया।
पवार राज्य में पांच फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के प्रचार अभियान के तहत जनसभाओं को संबोधित करने के लिए मुंबई से बारामती जा रहे थे।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि विमान सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। घटना के वक्त उसमें पांच लोग सवार थे।
पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि दुर्घटना के बाद विमान में आग लग गई। उन्होंने कहा, ‘‘विमान में सवार सभी लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।’’
एक सूत्र ने ‘समाचार एजेंसी को बताया कि पायलट ने विमान को उतारने का प्रयास करने से पहले हवाई पट्टी के पास खराब दृश्यता के बारे में बताया था।
सूत्रों के अनुसार, ‘बॉम्बार्डियर एयरोस्पेस’ के ‘लेयरजेट डिवीजन’ द्वारा निर्मित मध्यम आकार का बिजनेस जेट विमान ‘लेयरजेट 45’ (एलजे45) बारामती हवाई अड्डे पर उतरने का प्रयास करते समय रनवे से उतर गया और उसमें आग लग गई।
पवार के परिवार में उनकी पत्नी सुनेत्रा और दो बेटे पार्थ और जय हैं। सुनेत्रा राज्यसभा सदस्य हैं।
हाल में पुणे और पिंपरी चिंचवड में हुए नगर निगम चुनाव में पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने शरद पवार की राकांपा (शप) के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा था।
अधिकारियों के अनुसार, हादसे में कोई भी यात्री जीवित नहीं बचा।घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों और वीडियो में आग और धुएं के गुबार, विमान का बुरी तरह क्षतिग्रस्त मलबा और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाती एम्बुलेंस दिखाई दीं। स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंचकर हर संभव मदद करते नजर आए। पुणे के पुलिस अधीक्षक (एसपी) के अनुसार, तीन शवों को बारामती मेडिकल कॉलेज भेजा गया है, जबकि अन्य की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
हादसे की सूचना मिलते ही डीजीसीए अधिकारियों की एक टीम दुर्घटनास्थल पर पहुंच गई है। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाएं और वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं। दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। इधर, एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, एनसीपी-एसपी की सांसद सुप्रिया सुले, तथा उपमुख्यमंत्री अजित पवार का परिवार पत्नी सुनेत्रा पवार और पुत्र पार्थ पवार घटना के समय दिल्ली में मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, प्रफुल्ल पटेल और पवार परिवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं।
अजित अनंतराव पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को महाराष्ट्र के देओलाली प्रवरा (अहमदनगर) में हुआ था। वे भारतीय राजनीति की एक प्रभावशाली शख्सियत और महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक माने जाते थे। पवार छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने वित्त, सिंचाई, योजना और प्रशासन जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व किया।वे बारामती से आठ बार विधायक चुने गए और क्षेत्रीय विकास तथा प्रशासनिक पकड़ के लिए पहचाने जाते थे।
वर्ष 2023 में उन्होंने शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी से अलग होकर अपनी राजनीतिक धारा बनाई और भाजपा-नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री बने। वे न केवल एनसीपी के प्रमुख नेता थे, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उनकी पहचान रही। अजित पवार के आकस्मिक निधन से महाराष्ट्र ही नहीं, पूरे देश की राजनीति में एक गहरी रिक्तता पैदा हो गई है। उनका जाना राज्य के राजनीतिक परिदृश्य के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।