दुबई: छह अप्रैल (एपी) इजराइल और अमेरिका ने सोमवार को ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए, जिनमें 25 से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागीं। होर्मुज जलडमरुमध्य खोलने के लिए ईरान को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई समयसीमा नजदीक आने के बीच मध्यस्थों ने युद्धविराम का नया प्रस्ताव पेश किया है।
सोमवार सुबह हुए हवाई हमलों में तेहरान में स्थित शरीफ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को निशाना बनाया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में विश्वविद्यालय की इमारतों के साथ-साथ परिसर के पास स्थित प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र को भी नुकसान पहुंचा।
हालांकि, विश्वविद्यालय परिसर में वास्तव में किस हिस्से को निशाना बनाया गया, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका। युद्ध के कारण देशभर के सभी शिक्षण संस्थानों में ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं ली जा रही हैं, जिसकी वजह विश्वविद्यालय का परिसर खाली पड़ा है। गौरतलब है कि इस विश्वविद्यालय पर पहले भी कई देशों ने सैन्य गतिविधियों, खासकर ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े कार्यक्रम के कारण प्रतिबंध लगाए हैं।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान पर हुए एक हमले में अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की भी मौत हो गई। वहीं, ईरानी मिसाइलों ने उत्तरी इजराइल के शहर हाइफा को निशाना बनाया, जहां एक रिहायशी इमारत के मलबे से चार लोगों के शव बरामद किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक, तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में इस्लामशहर के पास हुए हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई। वहीं कोम के एक रिहायशी इलाके पर हमले में पांच लोगों की जान गई, जबकि अन्य शहरों में हुए हमलों में छह और लोगों की मौत हुई। सरकारी समाचार पत्र ‘ईरान’ ने यह जानकारी दी।
इसके अलावा, तेहरान में एक घर पर हुए हवाई हमले में तीन और लोगों की मौत हो गई। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इसकी पुष्टि की।
तेहरान में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजीं और कई घंटों तक आसमान में काफी नीचे उड़ान भरते लड़ाकू विमानों की आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। राजधानी पर लगातार बमबारी के बीच आजादी चौक के पास घना काला धुआं उठता देखा गया।
खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ता हुआ दिखा, जहां कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। ऊर्जा ठिकानों पर ईरान के लगातार हमलों और होर्मुज जलडमरुमध्य पर नियंत्रण के कारण वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत सोमवार सुबह शुरुआती कारोबार में बढ़कर 109 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो युद्ध शुरू होने के समय की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक है।
घरेलू दबाव के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समयसीमा के अंदर जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा और देश को “पाषाण काल” में पहुंचा देगा।
उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “मंगलवार पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा।”
उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने रास्ता नहीं खोला तो “आप नर्क जैसी स्थिति में रहेंगे।”
युद्ध रोकने के प्रयास के तहत मध्यस्थ देशों मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये ने ईरान और अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें 45 दिनों के युद्धविराम और होर्मुज जलडमरुध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है, ताकि युद्ध समाप्त करने का रास्ता तलाशने के लिए समय मिल सके।
अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव रविवार देर रात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची और पश्चिम एशिया के लिए अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया था, लेकिन ईरान और अमेरिका ने इस पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।