नेपाल त्रासदी : मौत का आंकड़ा 547 पहुंचा,भीषण बाढ़ की दूसरी लहर की नयी चेतावनी जारी

अंतरराष्ट्रीय
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काठमांडू: 28 अगस्त (ए) नेपाल में कई और शव बरामद किये जाने के साथ ही भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 547 हो गई। इस बीच, तलाश और बचाव अभियान सतर्कता के साथ जारी है, क्योंकि भोटेकोशी नदी इलाके में जलस्तर बढ़ने से दोबारा इस आपदा का खतरा मंडरा रहा है।

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने कहा कि इस सप्ताह की शुरुआत में जिस स्थान पर भीषण बाढ़ आई थी वहां जलस्तर बढ़ने से क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।एनडीआरआरएमए ने अपने ताजा नोटिस में कहा, ‘‘बुधवार को जिस स्थान पर अचानक बाढ़ आई थी, उसी जगह पर अब कीचड़-युक्त पानी का स्तर बढ़ जाने से उस क्षेत्र में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।मध्य नेपाल के रसुवा और अन्य इलाकों में बुधवार को आई जबरदस्त बाढ़ के बाद यह चेतावनी जारी की गई है। बुधवार को आई बाढ़ में सैकड़ों लोगों की मौत हुई है तथा बस्तियों, सड़कों, पुलों और पनबिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।

एनडीआरआरएमए ने तलाश और बचाव कार्यों में शामिल लोगों के साथ-साथ अलग-अलग वजहों से भोटेकोशी और त्रिशूली इलाकों में रह रहे लोगों से अपील की है कि वे अत्यधिक सतर्क रहें और किसी भी तरह का खतरा महसूस होने पर तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाएं।

नेपाल पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि इस हिमालयी देश के आठ जिलों से 547 शव बरामद किए गए हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं।पुलिस के अनुसार, नवलपरासी पूर्व से 134, चितवन से 221, गोरखा से 44 और नुवाकोट से 38 शव बरामद किए गए।इसी तरह, धादिंग से 40, तनाहू से 29, नवलपरासी पश्चिम से 28 और रसुवा से 13 शव बरामद किए गए हैं।

चीनी अधिकारियों के अनुसार, तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के ग्यिरोंग काउंटी में पांच लोगों की मौत हो गई है।

नेपाल के रसुवा और आसपास के जिलों में बुधवार सुबह अचानक बाढ़ आने के बाद से कम से कम 977 लोग लापता हैं। इनमें 86 सुरक्षाकर्मी, 517 विदेशी पर्यटक और 127 नेपाली यात्री शामिल हैं।

अब तक प्रभावित इलाकों से 1,545 घायल व्यक्तियों और फंसे हुए लोगों को बचाया जा चुका है। इनमें से 84 लोगों का काठमांडू के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज हो रहा है, जहां परिजन बड़ी बेसब्री से अपनों की तलाश कर रहे हैं।

नेपाल पुलिस ने तिब्बत की तरफ एक बांध के फिर से टूटने की सूचना मिलने के बाद अलर्ट जारी किया है।

नेपाल पर्यटन बोर्ड ने शुक्रवार को बताया कि इस त्रासदी के बाद बाढ़-प्रभावित अलग-अलग इलाकों से कम से कम 121 विदेशी पर्यटकों को बचाया गया है, जिनमें 85 भारतीय शामिल हैं।

पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, बचाए गए पर्यटकों में दक्षिण कोरिया के नौ और चीन के 16 नागरिक शामिल हैं।

पुलिस बयान के अनुसार, इस त्रासदी के बाद तीसरे दिन भी तलाश और बचाव अभियान जारी रहा। अभियान में 7,451 सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान शामिल हैं।

‘द काठमांडू पोस्ट’ अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक पहुंचने और बचे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि जमीन पर काम करने वाली टीम नदी के किनारे और नदी के बहाव की दिशा में बसे इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखे हुए हैं।नेपाल के कई इलाकों में अस्पतालों के मुर्दाघरों में जगह कम पड़ रही है, क्योंकि बाढ़ में बहकर नीचे की ओर आए और शव मिल रहे हैं।

‘द काठमांडू पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, रसुवा और नुवाकोट से बहकर आए शव चितवन, तनहू, नवलपरासी, गोरखा और दूसरे जिलों तक मिले हैं, जिससे कई इलाकों के मुर्दाघरों में जगह की कमी हो गई है।

इस बीच, नेपाल सरकार ने विनाशकारी प्राकृतिक आपदा के बाद बने हालात को देखते हुए 29 अगस्त से सभी परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला किया है।

शिक्षा मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सश्मित पोखरेल ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिया गया है कि वे स्थगित परीक्षाओं को सही समय पर दोबारा आयोजित करने की योजना बनाएं।

मंत्रालय ने स्कूलों और कॉलेजों से यह भी कहा है कि वे छात्रों और शिक्षकों के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श की व्यवस्था करें, छात्रों और अभिभावकों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखें और जरूरी मदद एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए मिलकर काम करें।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह और उनके कैबिनेट के सदस्यों ने कैबिनेट की बैठक में आपदा राहत कोष में एक महीने का वेतन दान करने का निर्णय किया है।कैबिनेट ने वित्त मंत्रालय को अचानक आई बाढ़ से प्रभावित लोगों और व्यवसायों के लिए राहत, रियायती वित्त और पुनर्वास पैकेज तैयार करने का निर्देश भी दिया है।

इसी बीच, चीन ने बृहस्पतिवार देर रात चौथे स्तर का अलर्ट जारी किया और कहा कि नेपाल में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास पानी के बहाव में बाधा उत्पन्न होने से एक अस्थायी झील बन गई है।

नेपाल के जल विज्ञान और मौसम विज्ञान विभाग ने बृहस्पतिवार को नेपाल-चीन सीमा के पास एक नई झील के निर्माण के बाद भोटेकोशी नदी के निचले हिस्से में एक ताजा बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी थी।

चीनी अधिकारियों ने नेपाल को बताया था कि झील में लगभग 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो गया है और अगले तीन दिनों में इसमें और 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी आ सकता है, जिससे झील टूटने का खतरा पैदा हो गया।

यह झील छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास बनी है, ये नदियां तिब्बत से निकलती हैं और भोटेकोशी नदी की सहायक नदियों के तौर पर नेपाल में बहती हैं।