लाहौर: 19 जुलाई (ए)
) पाकिस्तान की साइबर-अपराध रोधी एजेंसी ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी को समन जारी किया है।
राष्ट्रीय साइबर अपराध अन्वेषण एजेंसी ने नियाजी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने सरकारी संस्थाओं को बदनाम करने और ‘‘झूठा विमर्श’’ फैलाने के लिए सोशल मीडिया पर ‘‘गलत, आपत्तिजनक और भड़काऊ’’ सामग्री साझा की।
नियाजी का एक साक्षात्कार सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद यह समन जारी किया गया है।
साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई सैन्य झड़प, पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की साठगांठ का नतीजा थी तथा सशस्त्र बलों की छवि बेहतर बनाने के मकसद से ऐसा किया गया था।
राष्ट्रीय साइबर अपराध अन्वेषण एजेंसी ने शनिवार को समन जारी कर नियाजी को सोमवार को इस्लामाबाद स्थित अपने दफ़्तर में पेश होने के लिए कहा।
नोटिस में कहा गया है, ‘‘आप सरकारी संस्थाओं को बदनाम करने और झूठा विमर्श फैलाने के मकसद से सोशल मीडिया पर गलत, आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री फैलाने में संलिप्त पाई गई हैं।’’
पाकिस्तान के ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ अखबार की एक खबर के मुताबिक, इस मामले की जांच कर रही एजेंसी ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने का मतलब यह होगा कि ‘‘आपके (नियाजी के) पास अपने बचाव में कहने के लिए कुछ भी नहीं है।’’
नियाजी ने साक्षात्कार में, पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के साथ चार दिन के सैन्य संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना की प्रतिक्रिया को कमतर प्रदर्शित करने की कोशिश की थी।
उन्होंने बिना कोई सबूत पेश किए दावा किया कि भारत ने संघर्ष को और इसलिए नहीं बढ़ने दिया क्योंकि पाकिस्तान इजराइल को मान्यता देने की दिशा में आगे बढ़ रहा था और इस कवायद का मकसद इस्लामाबाद के लिए ‘अब्राहम समझौते’ में शामिल होने की राह आसान करना था।
पाकिस्तान उन कई देशों में शामिल है जो इजराइल को एक राष्ट्र के तौर पर मान्यता नहीं देते और न ही उसके साथ राजनयिक संबंध रखते हैं।
वहीं, ‘अब्राहम समझौता’ अमेरिका की मध्यस्थता में हुए समझौतों की एक श्रृंखला है, जिसके तहत इजराइल और कई अरब देशों — जैसे संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, सूडान और मोरक्को — के बीच राजनयिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित हुए।
नियाजी ने साक्षात्कार में कहा, ‘‘आपको क्या लगता है? … भारत, जो एक बड़ा देश है, क्या वह 10 मई (2025) को पाकिस्तान के हमले का जवाब देने की स्थिति में नहीं था? वह जवाब दे सकता था, लेकिन किसी तालमेल की वजह से भारत ने जानबूझकर कड़ा जवाब नहीं दिया।’’
नियाजी की टिप्पणियों पर पंजाब की सूचना और संस्कृति मंत्री अजमा बुखारी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। वह पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की नेता हैं।
बुखारी ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में नियाजी की टिप्पणी ‘‘बेहद निंदनीय’’ है