नयी दिल्ली: नौ अप्रैल (ए)
) उच्चतम न्यायालय में दायर एक याचिका में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह केवल छह वर्ष तक की आयु के नागरिकों को ही नए आधार कार्ड जारी करे तथा किशोरों और वयस्कों को आधार कार्ड जारी करने के लिए सख्त दिशानिर्देश तैयार करे, ताकि भारत के नागरिक होने का दिखावा करने वाले घुसपैठियों को रोका जा सके।
वकील अश्विनी उपाध्याय द्वारा दाखिल जनहित याचिका (पीआईएल) में अधिकारियों को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि वे सामान्य सेवा केंद्रों पर सूचना पट्ट लगाएं जिनमें यह बताया गया हो कि 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या केवल “पहचान का प्रमाण” है, न कि नागरिकता, पता या जन्मतिथि का प्रमाण।