लखनऊ: 17 मई (ए)
यह अपील पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर ब्राह्मणों के खिलाफ की गई टिप्पणियों से विवाद खड़ा होने के कुछ दिनों बाद की गई है।
समाजवादी पार्टी द्वारा एक जारी बयान के अनुसार, राजकुमार भाटी ने यहां पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में अखिलेश यादव से मुलाकात की, जहां दोनों नेताओं के बीच विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान अखिलेश यादव ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सामाजिक सद्भाव बनाए रखने तथा अपनी भाषा और आचरण में संतुलन एवं मर्यादा बनाए रखने का निर्देश दिया।
बयान के अनुसार, सपा प्रमुख ने कहा कि किसी को भी ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जिससे किसी वर्ग या व्यक्ति को अपमानित या आहत महसूस हो।
हालिया विवाद का प्रत्यक्ष रूप से उल्लेख किए बिना यादव ने सार्वजनिक संवाद में एकता और परस्पर सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए संविधान और लोकतंत्र की रक्षा आवश्यक है तथा इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों का एकजुट रहना जरूरी है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी का ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) अभियान पिछड़े वर्गों, दलितों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं और सवर्ण समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को साथ जोड़ने का प्रयास है।
उन्होंने कहा, “पीडीए की एकजुटता ही वर्ष 2027 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता से हटाकर उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।”
उल्लेखनीय है कि राजकुमार भाटी हाल ही में ब्राह्मण समुदाय को लेकर दिए गए अपने बयान के कारण विवादों में घिर गए थे। बाद में उन्होंने इस मामले में बिना शर्त माफी भी मांगी थी।
भाजपा नेताओं और विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया था तथा भाटी के खिलाफ कई स्थानों पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।