नयी दिल्ली: 17 फरवरी (ए)
) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को तेलुगु अभिनेत्री प्रत्यूषा की 2002 में हुई मौत के मामले में अपनी सजा को चुनौती देने वाले एक आदमी की अर्जी खारिज कर दी और उसे चार हफ्ते के अंदर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने इस बात से इनकार किया कि इस मामले में गला घोंटा गया था और दुष्कर्म हुआ था। साथ ही पीठ ने प्रत्यूषा की मां पी सरोजिनी देवी की अर्जी भी खारिज कर दी, जिन्होंने मौत के पीछे साजिश का आरोप लगाया था।