नई दिल्ली,11 अप्रैल (ए)।
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सरकार ने शनिवार को डीजल के निर्यात शुल्क या अप्रत्याशित लाभ कर को बढ़ाकर 55.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। विमान ईंधन (एटीएफ) के लिए यह दर अब 42 रुपये प्रति लीटर होगी।
वित्त मंत्रालय ने एक अधिसूचना में कहा कि शुल्क में यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
इससे पहले 26 मार्च को सरकार ने डीजल पर 21.50 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया था। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ये शुल्क लगाए गए थे।
इन शुल्कों का उद्देश्य निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कीमतों के अंतर का अनुचित लाभ उठाने से रोकना है, क्योंकि युद्ध शुरू होने के बाद से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने के बाद तेहरान की ओर से व्यापक जवाबी कार्रवाई की गई थी। हालांकि, आठ अप्रैल को ईरान, अमेरिका और इजरायल दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमत हुए, जिससे पूरे पश्चिम एशिया और वैश्विक ऊर्जा बाजार में पैदा हुआ व्यवधान फिलहाल थमा है। पेट्रोल पर निर्यात शुल्क इस समय शून्य बना हुआ है।