लखनऊ: 26 अगस्त (ए) समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को महिला समानता दिवस पर घोषणा की कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में आने पर वह ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ लागू करेगी, जिसके तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए हर साल 40,000 रुपये दिए जाएंगे।
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि महिला सशक्तीकरण उनका ‘‘सच्चा प्रतिनिधित्व’’ और आर्थिक आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने से आएगा।
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने कहा, ‘‘महिला शक्ति का विकास केवल इसके बारे में बात करने से नहीं होगा, बल्कि महिलाओं को सच्चा प्रतिनिधित्व देने से होगा। ‘आधी आबादी’ के रूप में ‘पीडीए’ में शामिल प्रत्येक महिला का सम्मान और समृद्धि हमारा संकल्प है।’’
योजना के नाम के बारे में यादव ने कहा कि ‘स्त्री’ शब्द जानबूझकर चुना गया है क्योंकि यह किसी विशेष आयु वर्ग तक सीमित किए बिना लैंगिक प्रतिनिधित्व करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘जबकि लड़की, युवती या महिला जैसे शब्द एक आयु वर्ग को दर्शाते हैं, ‘स्त्री’ शब्द एक लिंग का प्रतिनिधित्व करता है और इसलिए यह योजना हर उम्र की महिलाओं पर लागू हो सकती है।’’
उन्होंने कहा कि ‘सम्मान’ को ‘समृद्धि’ से पहले रखा गया है क्योंकि सम्मान हर महिला के लिए सबसे महत्वपूर्ण गारंटी होना चाहिए, चाहे उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।
डिंपल यादव ने कहा, ‘‘वह सिर्फ इसलिए सम्मान की हकदार है क्योंकि वह एक महिला है। सामाजिक सशक्तीकरण और अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए समृद्धि से पहले भी सम्मान की आवश्यकता होती है।’’
उन्होंने कहा कि आर्थिक सशक्तीकरण भी उतना ही महत्वपूर्ण है क्योंकि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने परिवारों में आर्थिक रूप से योगदान करने में सक्षम बनाता है, जिससे घर के भीतर उनकी समानता बढ़ती है। उन्होंने कहा, ‘‘महिला की आर्थिक ताकत ही उसका सशक्तीकरण है।’’
डिंपल यादव ने कहा कि योजना को चरणों में लागू किया जाएगा और इसके कामकाज तथा सफलता का समय-समय पर मूल्यांकन किया जाएगा, और परिणाम के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम मोबाइल फोन, लैपटॉप, वित्तीय सहायता, शिक्षा और प्रशिक्षण के माध्यम से सम्मान और समृद्धि की दिशा में एक रास्ता बनाएंगे, जो धीरे-धीरे महिलाओं को सम्मान और आत्मविश्वास के साथ अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाएगा।’’
सांसद ने कहा कि यह योजना महिलाओं की शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंच में सुधार करेगी और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी। उन्होंने घोषणा की कि यह योजना शुरू में 40,000 रुपये की सहायता के साथ शुरू की जाएगी, जिसे हर साल बढ़ाया जाएगा।
सांसद ने कहा कि यह पहल महिलाओं के प्रति पार्टी की सकारात्मक सोच को दर्शाती है, जो पार्टी के ‘पीडीए फॉर्मूलेशन’ में ‘ए’ (आधी आबादी) का प्रतिनिधित्व करने वाला कारक है।
वर्ष 1920 में अमेरिकी संविधान में 19वें संशोधन को अपनाए जाने की याद में अमेरिका में हर साल 26 अगस्त को महिला समानता दिवस मनाया जाता है, जिसने महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिया।
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल ने कहा कि वह और पार्टी के अन्य युवा सांसद दिल्ली में कॉजपा के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रतिबद्ध थे और हो सकता है कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व की अनुमति के बिना भी इसमें भाग लिया हो, उन्होंने कहा कि यह आंदोलन देश के लिए “संजीवनी बूटी” साबित हुआ है।उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन से पूरे देश और समाज में एक संदेश गया है कि भाजपा को हराया जा सकता है और यह कोई मुश्किल काम नहीं है।
नयी दिल्ली में कॉजपा के विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर डिंपल यादव ने कहा, “अगर अनुमति नहीं देते तो हम नहीं जानते हम क्या करते। हो सकता है हम तब ही जाते। युवा हम सब, हम सब ठान के बैठे हुए थे।”
उन्होंने पार्टी के युवा सांसदों को आंदोलन में भाग लेने की अनुमति देने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को धन्यवाद दिया।
मैनपुरी के सांसद डिंपल यादव ने कहा, “जब हम सभी वहां गए, तो हम सभी सांसदों को जुड़ाव महसूस हुआ क्योंकि ऐसा लग रहा था कि ये हमारे अपने बच्चे हैं जो अपने अधिकारों और हक के लिए लड़ रहे हैं।”
डिंपल यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारी सामान्य युवा प्रतीत होते हैं जो अपनी मांगें रखने आए थे और उन्हें बाहरी लोगों द्वारा उकसाया या समर्थन नहीं किया जा रहा था।
उन्होंने कहा, “ये युवा थे जो अपनी बात रखने के लिए यहां आए थे। उन्हें किसी भी कोण से उकसाया नहीं जा रहा था और कोई बाहरी समर्थन नहीं था।”
सोनम वांगचुक के साथ हुए व्यवहार को याद करते हुए यादव ने कहा कि जिस तरह से उन्हें ”सफेद चादर में लपेटकर” ले जाया गया, उससे कई लोगों की भावनाएं आहत हुईं। उन्होंने कहा, “हम भावुक और आहत महसूस कर रहे थे। कहीं न कहीं हमने तय कर लिया था कि हम इस आंदोलन में जरूर शामिल होंगे।’’
यादव ने कहा, ‘‘उन्होंने हमें बताया कि उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उन्हें बिजली के झटके दिए गए…कहीं न कहीं, इससे हमें उनके साथ खड़े होने की ताकत मिली।”
डिंपल यादव ने कहा कि आंदोलन ने पूरे देश और समाज में यह संदेश दिया है कि लोग सामूहिक कार्रवाई के जरिए भाजपा सरकार को चुनौती दे सकते हैं।
उन्होंने कहा, “देश और समाज में एक संदेश गया है कि भाजपा को हराया जा सकता है। अगर हम साथ मिलकर लड़ें तो भाजपा को हराना कोई मुश्किल काम नहीं है।”
आंदोलन को देश के लिए ”संजीवनी बूटी” बताते हुए यादव ने कहा कि इसने लोगों की सामूहिक कार्रवाई की ताकत का प्रदर्शन किया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने पहले दिन से ही इस आंदोलन का समर्थन किया था और जब विरोध प्रदर्शन को ऑनलाइन लाखों ‘व्यूज’ मिल रहे थे तो उन्होंने इसे “भाजपा बनाम कॉजपा” बताया था।
यादव ने कहा कि डिंपल यादव, इकरा हसन और प्रिया सरोज समेत कई युवा सपा सांसद आंदोलन में शामिल होना चाहते थे। उन्होंने कहा, “हमारे युवा सांसद आंदोलन में भाग लेना चाहते थे। डिंपल, इकरा हसन, प्रिया सरोज और अन्य युवा सांसद इसका हिस्सा बनना चाहते थे।”
सपा प्रमुख ने कहा कि पार्टी ने अंततः प्रदर्शनकारियों के पीछे पूरी तरह से खड़े होने का फैसला किया, जो उन्होंने कहा, “दर्द, पीड़ा और कठिनाइयों” से गुजरे थे।
उन्होंने कहा, “अगर पार्टी ने उस समय निर्णय नहीं लिया होता तो शायद हम उस आंदोलन से चूक जाते।”
उन्होंने कहा कि आंदोलन में पार्टी की भागीदारी पहले ही शुरू हो गई थी और प्रदर्शनकारियों के लिए उसका समर्थन “पूरी ईमानदारी” के साथ उनके साथ खड़े होने के फैसले पर आधारित था।
