कोलकाता: सात मार्च (ए)
) विधानसभा चुनावों से पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि शनिवार से माध्यमिक परीक्षा (कक्षा 10) उत्तीर्ण कर चुके नौकरी के आकांक्षी बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1,500 रुपये का भत्ता मिलेगा।
तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने यह घोषणा आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद के दौरान चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं के नामों को बड़े पैमाने पर हटाए जाने के विरोध में धरने के दौरान अपने भाषण में की।
उन्होंने कहा कि माध्यमिक परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके 21 से 40 वर्ष की आयु के युवा लड़के-लड़कियों को सात मार्च से प्रति माह 1,500 रुपये मिलेंगे। बनर्जी ने कहा कि हालांकि यह सहायता मूल रूप से अप्रैल में शुरू होने वाली थी, लेकिन अब यह तुरंत शुरू हो जाएगी।
उन्होंने कहा, “युवा साथी योजना के तहत, वे सभी छात्र जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं और छात्रवृत्ति के अलावा किसी अन्य योजना के लाभार्थी नहीं हैं, उन्हें यह राशि प्राप्त होगी। हमने पहले ही बताया था कि यह राशि एक अप्रैल को दी जाएगी। लेकिन क्योंकि कल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है, इसलिए उपहार के रूप में हमने भुगतान की तारीख एक अप्रैल से बदलकर आज (सात मार्च) कर दी है।”
उन्होंने कहा कि 21 से 40 वर्ष की आयु के लगभग एक करोड़ लोगों ने इस योजना के लिए आवेदन किया है, और उन्होंने यह भी बताया कि ये वे लोग हैं जो छात्रवृत्ति के अलावा किसी अन्य योजना के लाभार्थी नहीं हैं।
बनर्जी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने रोजगार के अवसर काफी हद तक पैदा किए हैं। उन्होंने कहा, “बंगाल में बेरोजगारी दर में 40 प्रतिशत की कमी आई है। हमने कम से कम 40 लाख लोगों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया है, जिनमें से लगभग 10 लाख लोग पहले से ही कार्यरत हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसा इसलिए भी संभव हुआ है क्योंकि हमने उद्योगपतियों की वेबसाइटों को उत्कर्ष बांग्ला के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों की वेबसाइटों से जोड़ा है। यदि प्रवासी श्रमिक इच्छुक हैं, तो उन्हें भी अवसर दिए जाएंगे। हाल ही में मुझे पता चला कि जूट उद्योग में लगभग 10,000 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और उन्हें रोजगार भी दिया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को हर महीने 10,000 रुपये दे रही है।
उन्होंने कहा, “पहले तो एक कट्ठा जमीन रखने वालों को भी 4,000 रुपये मिलते थे। अब हमने भूमिहीन किसानों के लिए भी 4,000 रुपये देने की घोषणा की है।”
बनर्जी ने कहा कि बीरभूम जिले के देउचा पचामी में स्थित विशाल कोयला भंडार से लगभग एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और अगले 100 वर्षों तक राज्य में बिजली कटौती नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “6 लाख करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने और उस पर ब्याज देने तथा 2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय निधि अब भी लंबित होने के बावजूद, बंगाल का सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) उच्चतम स्तर पर है।”
उन्होंने दावा किया, “जीएसडीपी से लेकर राजस्व सृजन तक, हम सबसे आगे हैं।”