प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेले के दूसरे स्नान पर्व मकर संक्रांति से पूर्व बुधवार को एकादशी पर दोपहर 12 बजे तक 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यहां गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई।यह जानकारी देते हुए मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया कि कल रात 12 बजे से ही स्नान प्रारंभ है. उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति को शाम तक यह संख्या एक करोड़ श्रद्धालुओं से अधिक हो सकती है।पुलिस अधीक्षक (माघ मेला) नीरज पांडेय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए पूरे मेला क्षेत्र में 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं.पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई थी. माघ मेला-2024 में पौष पूर्णिमा पर 28.95 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया था.मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है कि भीड़ प्रबंधन एवं सुगम यातायात के दृष्टिगत इस बार 42 अस्थायी पार्किंग का इंतजाम किया गया है जिसमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन पार्क हो सकेंगे।उन्होंने बताया कि माघ मेला 2025-26 में कुल 12100 फुट लंबे घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे वस्त्र बदलने का कक्ष, पुऑल, शौचालय आदि उपलब्ध हैं।मेला अधिकारी के अनुसार, माघ मेले में गंगा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कानपुर के गंगा बैराज से प्रतिदिन 8000 क्यूसेक जल छोड़ा जा रहा है।दारागंज में कर्मकांड कराने वाले पंडित रविशंकर मिश्रा ने कहा कि बुधवार को षट्तिला एकादशी है और इस दिन छह प्रकार से तिल का प्रयोग किया जाता है. इस दिन काली तिल और काली गाय के दान का विशेष महत्व है.उन्होंने बताया कि एकादशी का मुहूर्त बुधवार रात नौ बजे से लेकर बृहस्पतिवार को दोपहर डेढ़ बजे तक है, लेकिन स्नान की दृष्टि से बृहस्पतिवार को पूरे दिन मकर संक्रांति का पुण्यकाल माना जाएगा।