संयुक्त राष्ट्र: चार मार्च (ए) संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थायी सदस्यों के बीच तनाव और ध्रुवीकरण उस वक्त उजागर हो गया जब ईरान जुड़े मुद्दों को लेकर रूस और चीन की ओर से आपत्ति दर्ज कराए जाने के कारण परिषद में इस महीने अमेरिकी अध्यक्षता के लिए प्रस्तावित मासिक कार्यसूची पारित नहीं हो सकी।
वीटो शक्ति रखने वाला स्थायी सदस्य अमेरिका ने मार्च के लिए 15 सदस्यीय यूएनएससी की अध्यक्षता संभाली। परंपरा के अनुसार, अध्यक्षता शुरू होने पर परिषद अपनी मासिक कार्यसूची पारित करती है, जिसमें महीने भर की संभावित बैठकों व कार्यक्रमों का विवरण होता है।
इसके बाद परिषद के अध्यक्ष संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मीडिया को उस माह के कार्यक्रम और एजेंडा के बारे में जानकारी देते हैं।
हालांकि, अमेरिका द्वारा तैयार की गई मार्च महीने की कार्यसूची को पारित नहीं किया जा सका, क्योंकि रूस और चीन ने 1737 प्रतिबंध समिति से संबंधित ईरान मुद्दे पर आपत्ति जताई।
संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी मिशन ने कहा, ‘‘हम मार्च के लिए अमेरिका द्वारा तैयार यूएनएससी कार्यसूची को अपनाने पर आपत्ति जताते हैं।’’
रूस ने कहा, ‘‘हम यह कदम उठाने के लिए मजबूर हुए क्योंकि अमेरिका द्वारा प्रस्तावित अस्थायी कार्यसूची में ईरान से संबंधित 1737 प्रतिबंध समिति के काम पर एक ब्रीफिंग शामिल थी।…फरवरी में हमने इस विषय पर अमेरिका को ध्यान आकर्षण कराया था कि इसे कार्यक्रम में शामिल न किया जाए, लेकिन अपील पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी कारण मार्च की कार्यसूची को पारित करने पर आपत्ति जताई गई।’’
अमेरिका ने कार्यसूची पारित न होने के बाद अपनी ‘‘कार्य योजना’’ जारी की, जिसमें परिषद की महीने भर की संभावित बैठकों और कार्यक्रमों का विवरण दिया गया।
अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज द्वारा तीन मार्च को मीडिया को कार्यसूची की जानकारी देने के लिए निर्धारित संवाददाता सम्मेलन भी रद्द कर दिया गया।
परिषद के अध्यक्ष अपने कार्यकाल के दौरान आम तौर पर दो प्रमुख कार्यक्रम आयोजित करते हैं। अमेरिका द्वारा पहला कार्यक्रम दो मार्च को ‘‘संघर्ष में बच्चे, प्रौद्योगिकी और शिक्षा’’ पर ब्रीफिंग थी, जिसकी अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप ने की थी।