रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने से 42 वर्ष पुराने मामले में दोषी व्यक्ति बरी
Spread the loveप्रयागराज: 22 सितंबर (ए) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 42 वर्ष पुराने एक आपराधिक मामले में अधीनस्थ न्यायालय में रिकॉर्ड का महत्वपूर्ण हिस्सा उपलब्ध नहीं होने के कारण तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 201 (साक्ष्य नष्ट करने) के तहत दोषी एक व्यक्ति को बरी कर दिया। बलिया जिले की एक अदालत ने […]
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