नयी दिल्ली: 13 मार्च (ए) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने होली के दिन यहां उत्तम नगर में झड़प में हुई 26 वर्षीय एक युवक की हत्या के संबंध में पश्चिम दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट और नगर पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी किया है और उनसे दो सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
मामले की कार्यवाही के अनुसार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने अधिकारियों को चार मार्च की इस घटना की ‘पूरी तरह से और निष्पक्ष जांच’ करने का निर्देश दिया है।
दिल्ली पुलिस ने तरुण की मौत के सिलसिले में दो नाबालिगों को पकड़ा है और 14 वयस्कों को गिरफ्तार किया है। उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में होली के त्योहार के दौरान पड़ोसियों के दो गुटों के बीच झड़प के दौरान तरुण की मौत हो गयी थी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 10 मार्च को अपनी कार्यवाही में कहा कि शिकायत मिलने के बाद उसने इस मामले का संज्ञान लिया है।
शिकायतकर्ता प्रकाश ने आरोप लगाया है, ‘‘ उत्तम नगर में होली के त्योहार के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों के एक समूह ने तरुण पर बेरहमी से हमला किया, उसे पीट-पीटकर मार डाला।’’
शिकायत के अनुसार, होली के दौरान कथित तौर पर पानी के मामूली छींटे पड़ने के कारण ‘दोनों परिवारों के बीच विवाद’ हुआ तथा फिर यह घटना हुई।
आरोप है कि तरुण के परिजनों द्वारा माफी मांग लिये जाने के बाद भी करीब 15-20 लोगों ने उसपर (तरुण पर) उस वक्त हमला कर दिया,जब तरुण दोपहिया वाहन से घर लौट रहा था।
शिकायत में कहा गया है, ‘‘हमलावरों ने कथित तौर पर ईंटों, पत्थरों और लोहे की छड़ों से पीटा, जिससे तरुण को गंभीर चोटें आईं। बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।’’
इसमें कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने आयोग से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है और मामले की उचित जांच, इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने, पीड़ित के परिवार की सुरक्षा तथा शोकाकुल परिवार को पर्याप्त मुआवजा दिलाने की मांग की है।
आयोग ने कहा कि शिकायत में लगाये गये आरोप प्रथम दृष्टया ‘पीड़ित के मानवाधिकारों का उल्लंघन’ जान पड़ते हैं।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अगुवाई वाली उसकी एक पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत इस मामले का संज्ञान लिया है।
कार्यवाही में कहा गया है, ‘‘रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह पश्चिम दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट और दिल्ली के पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी करे और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराने का निर्देश दे।’’