कोलकाता/नयी दिल्ली: 16 अगस्त (ए) पश्चिम बंगाल के बांकुरा ज़िले में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के एक स्वयंसेवक के घर पर कथित हमले के बाद उसके पिता की मौत से राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
रविवार को पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि भाजपा ने इस घटना से उसका कोई संबंध होने से स्पष्ट इनकार किया।
मृत व्यक्ति जनाब माफिक की पत्नी हसीना बेगम ने दिन में इंदस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पांच लोगों के नाम बताए गए और 10-15 हमलावरों के शामिल होने का आरोप लगाया गया। इसके बाद ये गिरफ्तारियां की गईं।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि शिकायत में नामजद पांच लोगों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है और पांच अन्य को हिरासत में लिया गया है।
बाद में पुलिस ने बताया कि सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा उन्हें को बिष्णुपुर उपसंभागीय मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने उन्हें उसकी हिरासत में भेजने का अनुरोध किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हमने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और पांच को टीआई परेड के लिए भेजा जाएगा। गिरफ्तार किए गए आठ लोगों में से तीन के नाम परिवार की ओर से पुलिस शिकायत में शामिल हैं।’’
जनाब माफिक की मौत कथित हमले के दो दिन बाद, शनिवार रात बर्दवान मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हो गई।
गंभीर रूप से घायल पाए जाने के बाद उन्हें पहले इंदस प्रखंड के प्राथमिकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था और हालत बिगड़ने पर 15 अगस्त को उन्हें अस्पताल में पहुंचाया गया।
जनाब के बेटे अब्दुल हफीज ने कहा कि कॉजपा के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद वह दिल्ली से लौटा था और उसके बाद स्कूल की खराब हालत का ब्योरा लेने के लिए प्राथमिकी विद्यालय गया था।
हफ़ीज़ के अनुसार, उसने शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के बारे में पूछा और एक अध्यापक से कहा कि वह स्थानीय स्तर पर यह अभियान शुरू करना चाहते हैं। आरोप है कि अध्यापक ने उससे अगले दिन आने को कहा।
कॉजपा ने आरोप लगाया कि अध्यापक ने स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं को हफीज के दौरे के बारे में जानकारी दी।
कॉजपा का दावा है कि उस शाम हथियारबंद लोग हफीज़ के घर में घुस आए और उससे माफी का वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा, जिसमें यह कहा जाए कि उसने किसी और के कहने पर स्कूल की हालत के बारे में बात की थी। जब उसने मना किया, तो हमलावरों ने कथित तौर पर उस पर और उसके पिता पर लाठियों, रॉड और सब्बल से हमला किया।
भाजपा ने खुद को आरोपियों से अलग कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा से संबंध होने के आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि प्राथमिकी में जिन लोगों के नाम हैं, वे अपराधी हैं।
उन्होंने राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ में पत्रकारों से कहा, ‘‘इससे भाजपा का कोई संबंध नहीं है। वे सभी अपराधी हैं। कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। शिकायतकर्ता ने उपद्रवियों के नाम बताए हैं और किसी भी भाजपा कार्यकर्ता का नाम नहीं लिया है।’’
इससे पहले दोपहर में अधिकारी ने कहा था कि शिकायत में नामजद पांच लोगों में से तीन को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी दो को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि हमले के किसी भी आरोप की पुलिस द्वारा जांच की जानी चाहिए तथा आरोप साबित होने पर कार्रवाई की जानी चाहिए।मजूमदार ने कहा, ‘‘अगर ऐसी कोई घटना हुई है, तो प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए और पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए।’’
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कहीं यह घटना किसी स्थानीय विवाद का नतीजा तो नहीं है।
मजूमदार ने कहा कि दिल्ली में कॉजपा के हालिया विरोध प्रदर्शन में बंगाल से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने के बावजूद, कहीं और ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई ।
राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि भाजपा गलत काम का दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति का बचाव नहीं करेगी।
पॉल ने कहा, ‘‘पूरे भारत में भाजपा के लाखों कार्यकर्ता हैं। हर कार्यकर्ता के चरित्र को परखना न तो संभव है और न ही यह प्रदेश अध्यक्ष या मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है। अगर किसी ने ऐसा कुछ किया है, तो उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’
पॉल ने कहा, ‘‘हम ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं करेंगे। कड़ी कार्रवाई की जायेगी।’’
कॉजपा के लिए यह घटना सिर्फ कथित हमले से कहीं अधिक अहम हो गई है; यह उसके ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के मुख्य मकसद से जुड़ी है। सवाल यह उठता है कि क्या नागरिक बिना किसी राजनीतिक धमकी के सरकारी संस्थानों की जांच-पड़ताल कर सकते हैं और कमियों की ओर इशारा कर सकते हैं।
कॉजपा संस्थापक और राष्ट्रीय समन्वयक अभिजीत दीपके ने कहा कि कॉजपा की एक टीम पश्चिम बंगाल जाएगी ताकि हफीज और उसके परिवार का साथ दे सके।
दीपके ने कहा, “हमें न तो चुप कराया जा सकता है और न ही डराया जा सकता है। हम बेहतर विद्यालयों के लिए लड़ते रहेंगे। कॉजपा हफीज और उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। हम उनके पिता की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं। हमारी टीम पश्चिम बंगाल जाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अब्दुल और उनके परिवार को न्याय मिले।”
कॉजपा के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आरोप लगाया कि माफिक की मौत उन लोगों के हाथों हुई जो कथित तौर पर भाजपा से जुड़े थे।
दास ने कहा, ‘‘अब्दुल, पूरा कॉजपा परिवार आपके साथ है। जब तक उन गुंडों को सज़ा नहीं मिल जाती, हम चैन से नहीं बैठेंगे।’’
दीपके ने सरकारी स्कूलों की हालत को उजागर करने और स्कूल के बुनियादी ढांचे एवं शिक्षा में सुधार के लिए दबाव बनाने के मकसद से ‘‘स्कूल ठीक करो’’ अभियान शुरू किया।
कॉजपा ने कथित हिंसा, माफिक की मौत से जुड़े हालात और जरूरी कानूनी कार्रवाई शुरू न करने की कथित नाकामी की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बयान के मुताबिक कॉजपा की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसके प्रमुख सह-संयोजक आशुतोष रांका हैं, सोमवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करेगा।
प्रतिनिधिमंडल हफीज और उनके परिवार के साथ एकजुटता दिखाने और न्याय व जवाबदेही की मांग करने के लिए वहां जायेगा।