बेंगलुरु: आठ अक्टूबर (ए) ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के सदस्यों ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की निंदा करने, सुरक्षा की मांग करने और उचित कार्रवाई की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को यहां ‘चप्पल प्रदर्शन’ किया।
प्रदर्शन में कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और प्रवक्ता सौरव दास शामिल हुए तथा महिलाओं के प्रति एकजुटता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने “आजादी”, “एक कचौरी, दो समोसा” और “महिला मांगे आजादी” जैसे नारे लगाए।
बिना किसी डर के सुरक्षित जीने और अपने अधिकारों का प्रयोग करने की मांग करते हुए महिलाओं ने पोस्टर ले रखे थे, जिन पर ‘वे कहते हैं कि एक लड़की की तरह लड़ो, इसलिए हम यहां हैं’ और ‘एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) रद्द करो, लोकतंत्र बचाओ’ लिखा था।
जहां कई प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज लहराया, वहीं एक प्रदर्शनकारी ने हाथ में चप्पल ले रखी थी और कहा कि महिलाओं को उनका दमन करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ इसका इस्तेमाल करना चाहिए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सुरक्षा केवल महिलाओं का अधिकार ही नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी भी है।
प्रदर्शनकारियों ने नयी दिल्ली में ‘एसआईआर’ (विशेष गहण पुनरीक्षण) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के खिलाफ एक प्रदर्शन के दौरान हाल ही में कथित तौर पर उत्पीड़न व दुर्व्यवहार की शिकार महिलाओं के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
इस प्रदर्शन में कई महिलाएं अपने काम से समय निकालकर शामिल हुईं, तो कुछ अपने बच्चों को भी साथ लेकर आई थीं।
कॉजपा की एक स्वयंसेवक निवेदिता ने कहा, ‘यह प्रदर्शन सभी महिलाओं के साथ एकजुटता दिखाने के लिए है। यह महिलाओं और इंसान के तौर पर सम्मानजनक व्यवहार पाने के बारे में है। हम इंसान हैं और समान अधिकारों के हकदार हैं। हमारे साथ न तो दोयम दर्जे के नागरिक जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए और न ही देवियों जैसा। हम बाल वधुओं, जिनकी हत्या या दुष्कर्म हुआ है उन महिलाओं, दहेज से जुड़े अपराधों की पीड़िताओं और हर तरह की हिंसा की शिकार महिलाओं के साथ खड़े हैं। हम महिलाओं के लिए समान अधिकार चाहते हैं।’