भुवनेश्वर, 16 मार्च (ए) ओडिशा सरकार द्वारा संचालित एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के आईसीयू में रविवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गयी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह जानकारी दी।
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री ने बताया कि मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के दौरान अस्पताल के करीब 11 कर्मचारी झुलस गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ट्रॉमा केयर गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) और उससे सटे आईसीयू में 23 मरीज भर्ती थे। उन्होंने कहा कि आग लगने से सात मरीजों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य की दम घुटने या जलने से मौत हो गई।
माझी ने पत्रकारों को बताया, ‘‘इस घटना में कुल 10 मरीजों की मौत हुई है।’’ उन्होंने कहा कि आग शायद शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग के आईसीयू में आग लगी, जहां गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
माझी ने इस मामले में न्यायिक जांच की भी घोषणा की और अग्निशमन सेवा के महानिदेशक को मामले की जांच करने तथा तुरंत उन्हें रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अग्निशमन विभाग के महानिदेशक को निर्देश देता हूं कि वह स्वयं एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का दौरा करें और अग्निशमन सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें।’’
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि न्यायिक जांच के बाद रिपोर्ट में यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एक अधिकारी ने बताया कि आग देर रात ढाई बजे से तीन बजे के बीच लगी। दमकलकर्मी तुरंत अस्पताल पहुंचे और आग बुझाने के लिए अभियान शुरू किया।
दमकल सेवा के अधिकारियों ने अस्पताल के कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों और मरीजों के तीमारदारों के साथ मिलकर आईसीयू में भर्ती मरीजों को बाहर निकाला और उन्हें एससीबी अस्पताल के अन्य विभागों में स्थानांतरित किया।
माझी ने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के साथ अस्पताल का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों का भी हालचाल जाना।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने संबंधित अधिकारियों को घायल मरीजों और कर्मचारियों के उचित उपचार के निर्देश दिए हैं।’’
उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजन को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की है।
माझी ने बताया कि 11 चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव अभियान में हिस्सा लिया और उनका अस्पताल के एक वार्ड में इलाज हो रहा है।
उन्होंने बताया, ‘‘पदभार ग्रहण करने के बाद मैंने संबंधित विभाग को सभी चिकित्सा संस्थानों को आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए तैयार करने के निर्देश दिए थे और मैंने उन्हें इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया था।’’
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 2025-26 के वार्षिक बजट में 320 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि आगामी वर्ष (2026-27) के बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सा प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरण लगाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।