नयी दिल्ली: सात फरवरी (ए)
) उच्चतम न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करने को लेकर सहमति जताई है, जिसमें सांसदों और विधायकों के खिलाफ दर्ज 45 मामलों को वापस लेने की अनुमति नहीं दी गई थी। इनमें कोविड महामारी के दौरान रैलियां करने पर पिछली भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार के समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामले भी शामिल हैं।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के 26 अप्रैल, 2024 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें राज्य के मौजूदा और पूर्व विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले वापस लेने की अनुमति नहीं दी गई थी।