नयी दिल्ली: 13 मार्च (ए) पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे भारतीय ध्वज वाले 28 जहाजों में से एक जहाज सुरक्षित रूप से रवाना हो गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि ओमान से अफ्रीका के लिए गैसोलीन ले जा रहा भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर ‘जग प्रकाश’ होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व से रवाना हो गया है।अमेरिका व इजराइल द्वारा हमले शुरू करने और ईरान की जवाबी कार्रवाई के दौरान इस क्षेत्र को निशाना बनाये जाने के बाद इस संकरे समुद्री मार्ग में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं।
सिन्हा ने बताया कि भारतीय ध्वज वाले कुल 28 जहाज फंसे हुए थे, जिनमें से 24 होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में और चार पूर्व में फंसे हुए थे।
उन्होंने बताया कि पूर्वी तट पर मौजूद चार जहाजों में से एक ‘जग प्रकाश’ अब रवाना हो चुका है और यह जहाज अफ्रीका के किसी गंतव्य के लिए ईंधन ले जा रहा है।
जहाज ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, जहाज ओमान के सोहार बंदरगाह से गैसोलीन भर रहा था और तंजानिया के तंगा की ओर जा रहा था।
इसके 21 मार्च को तंगा पहुंचने की उम्मीद है।
सिन्हा ने कहा, “तीन जहाज पूर्वी तट पर फंसे हुए हैं, जिनपर 76 नाविक सवार हैं। ”
फारस की खाड़ी में जलडमरूमध्य के पश्चिम में फंसे भारतीय ध्वज वाले 24 जहाजों पर 668 नाविक सवार हैं।
उन्होंने बताया कि खाड़ी क्षेत्र में लगभग 23,000 भारतीय नाविक व्यापारिक, बंदरगाह और तट से सटे हुए जहाजों पर काम कर रहे हैं तथा जहाजरानी विभाग के महानिदेशक जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।
विशेष सचिव ने बताया, “सभी भारतीय जहाजों और उनके चालक दल पर सक्रिय रूप से नजर रखी जा रही है।”
नियंत्रण कक्ष के सक्रिय होने के बाद चौबीस घंटे में जहाजरानी विभाग के महानिदेशक को 2,425 से अधिक सूचनाएं व 4,441 ईमेल आए हैं और फंसे हुए 223 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गयी है।
उन्होंने बताया कि जहाजरानी विभाग के महानिदेशक नियमित रूप से परामर्श जारी कर रहे हैं।
अधिकारी ने बताया कि बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय फारस की खाड़ी में समुद्री स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।