नयी दिल्ली/लखनऊ: 28 मार्च (ए)
) लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत ने शनिवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) और दो अन्य को आरक्षी भर्ती से संबंधित रिश्वत के 17 साल पुराने मामले में तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के एक प्रवक्ता ने एक बयान में बताया कि अदालत ने सीआरपीएफ के तत्कालीन उप महानिरीक्षक विनोद कुमार शर्मा तथा बल के दो कर्मियों– सत्यवीर सिंह और तीरथ पाल चतुर्वेदी को दोषी ठहराया एवं उन्हें सजा सुनाई।