अमेरिका-ईरान वार्ता पर स्थिति स्पष्ट नहीं, इस्लामाबाद में ‘लॉकडाउन’ जारी

अंतरराष्ट्रीय
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इस्लामाबाद: 25 अप्रैल (ए)

) अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की प्रस्तावित वार्ता को लेकर शनिवार को भी अनिश्चितता की स्थिति बने रहने के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत ‘लॉकडाउन’ एक सप्ताह से जारी है।इस्लामाबाद की ओर जाने वाली मुख्य सड़कों को बंद कर दिया गया है तथा उस ‘रेड जोन’ को कड़े सुरक्षा घेरे में रखा गया है जहां प्रमुख सरकारी भवन एवं राजनयिक मिशन स्थित हैं।

पास के वाणिज्यिक क्षेत्र ‘ब्लू एरिया’ में बाजार सुनसान हैं, कैफे में आपूर्ति कम हो रही है और बस अड्डों की सेवाएं बंद होने के कारण सार्वजनिक परिवहन बाधित है जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।

लोगों के लिए अनिश्चितता सबसे कठिन स्थिति है। इस्लामाबाद ऐसे लोगों का शहर है, जो सप्ताह के कामकाजी दिनों में काम करते हैं और सप्ताहांत में अपने परिवारों के पास लौट जाते हैं।

हाल के सप्ताहों में यह दूसरा ‘लॉकडाउन’ है। अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच वार्ता के लिए इस्लामाबाद में पहले 11 अप्रैल को ‘लॉकडाउन’ किया गया था। वह वार्ता कोई समझौता हुए बिना समाप्त हो गई थी। इसके बाद शहर कुछ समय के लिए खुला, लेकिन पाकिस्तान द्वारा एक और दौर की बातचीत की मेजबानी की तैयारियां किए जाने के बीच पाबंदियां फिर लागू कर दी गईं। हालांकि, वार्ता को लेकर अब भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ बातचीत के लिए शुक्रवार देर रात यहां पहुंचे। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर, विदेश मंत्री इसहाक डार और गृह मंत्री मोहसिन नकवी सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

इसके बाद, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘ईरान और अमेरिका के बीच कोई बैठक होने की योजना नहीं है।’’

बाकाई ने कहा कि इसके बजाय पाकिस्तानी अधिकारी दोनों प्रतिनिधिमंडलों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कराएंगे।

बाकाई ने ‘‘अमेरिका द्वारा थोपे गए आक्रामक युद्ध को समाप्त कराने के लिए’’ पाकिस्तान सरकार की ‘‘लगातार मध्यस्थता और सद्भावनापूर्ण प्रयासों’’ के लिए उसे धन्यवाद दिया।

ईरानी दल के इस्लामाबाद पहुंचने के बीच, ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि पश्चिम एशिया के लिए अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ ‘‘सीधी वार्ता’’ के लिए शनिवार को पाकिस्तान रवाना होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘हर कोई जरूरत पड़ने पर पाकिस्तान जाने के लिए तैयार रहेगा लेकिन पहले स्टीव और जेरेड वहां जाकर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और बाकी टीम को जानकारी देंगे।’’

हालांकि, अमेरिकी दल अभी तक इस्लामाबाद नहीं पहुंचा है।

इस बीच, पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए दोनों युद्धरत पक्षों के बीच ‘‘सार्थक बातचीत’’ की उम्मीद जताई।

विदेश कार्यालय ने कहा कि ईरान के विदेश मंत्री अराघची ताजा क्षेत्रीय घटनाक्रम और क्षेत्र की शांति एवं स्थिरता के लिए जारी प्रयासों पर चर्चा के लिए पाकिस्तान के वरिष्ठ नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।

सरकार के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘पाकिस्तानी मध्यस्थता दल के साथ अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद, अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर शनिवार और रविवार को इस्लामाबाद में होने की उम्मीद है।’’

उन्होंने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए अमेरिका की एक सुरक्षा टीम पहले से ही इस्लामाबाद में मौजूद है।

अमेरिका-ईरान वार्ता का पहला दौर 11 और 12 अप्रैल को हुआ था, लेकिन इस दौरान कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद मेजबान पाकिस्तान ने तनाव कम करने तथा बातचीत के एक और दौर की उम्मीदों को फिर से जीवित करने के लिए कई राजनयिक प्रयास किए।

ट्रंप ने ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को मंगलवार को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया था ताकि तेहरान को युद्ध समाप्त करने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार करने का और समय मिल सके। यह फैसला युद्धविराम की अवधि समाप्त होने से कुछ घंटे पहले किया गया।

ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद यह युद्ध शुरू हुआ था।