नयी दिल्ली: 17 मई (ए)
) सरकार ने उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या को वर्तमान 34 से बढ़ाकर 38 करने के लिए एक अध्यादेश जारी किया है। शीर्ष अदालत के मौजूदा न्यायाधीशों की संख्या में प्रधान न्यायाधीश भी शामिल हैं।
विधि मंत्रालय ने शनिवार को अध्यादेश अधिसूचित किया, जिसमें उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में संशोधन कर शीर्ष अदालत की स्वीकृत संख्या में वृद्धि की गई है।
अब तक, प्रधान न्यायाधीश सहित उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 थी। अब न्यायाधीशों की संख्या में चार की वृद्धि की गई है, जिससे स्वीकृत संख्या 38 हो गई है।
फिलहाल, शीर्ष अदालत में दो पद रिक्त हैं और अध्यादेश के तत्काल प्रभाव से लागू होने के बाद, उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम को अब शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए छह नामों की सिफारिश करनी होगी।
संसद के मानसून सत्र में एक विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें कार्यकारी आदेश माने जाने वाले अध्यादेश को संसद द्वारा पारित कानून में परिवर्तित करने का प्रस्ताव होगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच मई को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए एक मसौदा विधेयक को मंजूरी दी थी।
उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या (प्रधान न्यायाधीश को छोड़कर) आखिरी बार 2019 में 30 से बढ़ाकर 33 की गई थी।