नयी दिल्ली: 20 मई (ए)
) उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में एक कॉलेज के पास अज्ञात लोगों ने 22 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मृतक का बड़ा भाई हत्या के एक मामले में जेल में बंद है और पुलिस को संदेह है कि यह हत्या बदले के लिए की गई हो सकती है।मृतक की पहचान मौजपुर निवासी अमानुल्लाह कुरैशी के रूप में हुई है। वह मोहम्मद मोइन कुरैशी का छोटा भाई है, जिसे इस साल की शुरुआत में वेलकम इलाके के एक कैफे में एक व्यक्ति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस के अनुसार, गोलीबारी की घटना मंगलवार देर रात वेलकम इलाके में श्याम लाल कॉलेज के पास हुई, जब अमानुल्लाह पेट्रोल भरवाने के लिए गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन पता चला कि घायल को परिवार के सदस्य पहले ही जीटीबी अस्पताल ले जा चुके हैं, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने बताया कि अमानुल्लाह के सिर और पेट में गोली लगी थी। एक फोरेंसिक टीम ने अपराध स्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्र किए।
वेलकम थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) और शस्त्र अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि हत्या में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए कई टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रारंभिक जांच से संकेत मिला है कि यह वारदात अमानुल्लाह के बड़े भाई से जुड़े हत्या के मामले से उत्पन्न रंजिश से जुड़ी हो सकती है।
मृतक के पिता मोहम्मद तस्लीम ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि परिवार को शुरू में लगा कि अमानुल्लाह सड़क दुर्घटना का शिकार हुआ है।
तस्लीम ने कहा, ‘मुझे घटना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मुझे सिर्फ इतना पता चला कि मेरे बेटे का ‘एक्सीडेंट’ हो गया है। मैं बार-बार अपने बेटे के नंबर पर फोन करता रहा और उस व्यक्ति से बात की जो उसे अस्पताल ले गया था। उसने मुझसे कहा, ‘मैं आपके बेटे को जीटीबी अस्पताल ले जा रहा हूं, कृपया वहां जल्दी पहुंचें।’’
उन्होंने कहा, ‘डॉक्टरों ने उसकी जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी हालत देखने के बाद मैंने कहा कि यह ‘एक्सीडेंट’ जैसा नहीं लग रहा है और उनसे ठीक से जांच करने को कहा। जब उन्होंने ध्यान से देखा तो पाया कि मेरे बेटे को गोली मारी गई थी… एक गोली उसके सिर में और दूसरी उसके पेट में लगी थी।’
मोइन कुरैशी को 30 जनवरी को तिमारपुर इलाके में मुठभेड़ के बाद दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने गिरफ्तार किया था।
मोइन इस साल 23 जनवरी को वेलकम स्थित ‘किंग कैफे’ के अंदर 24 वर्षीय फैजान की हत्या मामले में वांछित था। पुलिस ने कहा था कि मोइन और फैजान एक-दूसरे को जानते थे और एक ही इलाके में रहते थे।
जांचकर्ताओं के अनुसार, हत्या वित्तीय विवाद के कारण हुई थी। मोइन ने कथित तौर पर फैजान से 30,000 रुपये उधार लिए थे और रकम वापस नहीं कर रहा था।
पुलिस ने दावा किया था कि फैजान ने कथित तौर पर इस मुद्दे को लेकर मोइन के पिता के साथ दुर्व्यवहार किया था, जिसके बाद मोइन ने एक पिस्तौल खरीदी और कैफे के अंदर फैजान को गोली मार दी।हत्या के एक दिन बाद, मोइन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड कर अपराध स्वीकार किया था। मगर वीडियो को बाद में डिलीट कर वह भूमिगत हो गया था।