एवियॉन (फ्रांस): 17 जून (ए) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ द्विपक्षीय बातचीत की, जिसमें व्यापार, निवेश और रक्षा जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
फ्रांस के एवियॉन शहर में जी7 शिखर सम्मेलन से इतर हुई बातचीत में मोदी और मर्ज ने पश्चिम एशिया के हालात और रूस-यूक्रेन संघर्ष पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में संघर्ष की समाप्ति के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत भी किया।
मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “जर्मनी के चांसलर मर्ज के साथ बातचीत बहुत सार्थक रही। हमने व्यापार, निवेश, चक्रीय अर्थव्यवस्था, रक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और अन्य क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों के जरिये आपसी सहयोग को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की।”
उन्होंने लिखा, “हमने इस बारे में भी बात की कि हम अपने देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को कैसे मजबूत कर सकते हैं।”
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों नेताओं के बीच रक्षा मामलों पर हुई बातचीत में क्या-क्या शामिल था।
भारत छह स्टील्थ पनडुब्बियां खरीदने की प्रक्रिया में है। जर्मन रक्षा कंपनी थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम्स (टीकेएमएस) और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) भारतीय नौसेना को छह स्टील्थ पनडुब्बियों की आपूर्ति करने के लिए पांच अरब यूरो के समझौते को लेकर रक्षा मंत्रालय के साथ कीमत पर बातचीत कर रही हैं।
स्टील्थ पनडुब्बियों से आशय पानी के अंदर खामोशी से संचालन करने और सेंसर व राडार की नजरों से छिपने में सक्षम नौसैनिक पोतों से है।
मोदी और मर्ज के बीच बातचीत के कुछ देर बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की और भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को नये सिरे से गति मिलने पर संतोष जताया।
मंत्रालय के मुताबिक, मोदी और मर्ज ने भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए बातचीत के समापन का भी संज्ञान लिया।
मंत्रालय ने कहा, “2026 में जब भारत और जर्मनी राजनयिक संबंधों की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे, तब दोनों नेता व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, हरित एवं सतत विकास, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और परिवहन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का अपना संकल्प दोहराएंगे।”
उसने कहा, “मोदी और मर्ज ने रक्षा औद्योगिक सहयोग रूपरेखा पर हस्ताक्षर और जर्मनी से होकर गुजरने वाले भारतीय नागरिकों के लिए हवाई अड्डे पर ट्रांजिट वीजा की अनिवार्यता समाप्त करने के फैसले का स्वागत किया।”
मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ एक अलग द्विपक्षीय बैठक की।
प्रधानमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “एवियॉन में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ मेरी बहुत सार्थक बातचीत हुई। दो महीने पहले ही मैंने भारत में राष्ट्रपति ली का स्वागत किया था।”
उन्होंने लिखा, “दोनों देश न केवल व्यापार और वाणिज्य में, बल्कि भविष्य के कई हाई-टेक क्षेत्रों में भी आपस में मिलकर काम कर रहे हैं।”