पोत पर ड्रोन हमले के जवाब में अमेरिका ने ईरान पर हमला किया

अंतरराष्ट्रीय
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वाशिंगटन: 27 जून (ए) अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक पोत पर एक दिन पहले हुए ड्रोन हमले के जवाब में शुक्रवार को ईरान पर हमले किए।

यह दोनों देशों के बीच महीनों से जारी युद्ध को समाप्त करने की दिशा में काम शुरू करने और इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए एक सप्ताह पहले बनी अंतरिम सहमति की अब तक की सबसे बड़ी परीक्षा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ड्रोन हमला युद्धविराम का उल्लंघन है। अमेरिका के जवाबी हमले से कुछ समय पहले ही ट्रंप ने पत्रकारों से कहा था कि अमेरिका प्रतिक्रिया देगा या नहीं, इसका ‘‘आपको पता चल जाएगा।’’यूएस सेंट्रल कमांड’ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में मिसाइल और ड्रोन ठिकानों तथा तटीय रडार केंद्रों को निशाना बनाया।अमेरिका के जवाबी हमले से कुछ समय पहले ट्रंप ने ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का अधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में कहा, ‘‘मुझे यह बात पसंद नहीं आई कि उन्होंने कल हमला किया। वास्तव में उन्होंने चार हमले किए।’’

ट्रंप से सवाल किया गया कि जब वह लगातार कह रहे हैं कि तेहरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है तो फिर हमले क्यों किए जाएंगे, इसके जवाब में अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘वे थोड़े अलग हैं।’’

इसके बाद उन्होंने अचानक सवालों का जवाब देना बंद कर दिया और पत्रकारों को उनके कार्यालय से बाहर ले जाया गया।

ईरानी संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर ट्रंप को जवाब देते हुए कहा था, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है इसलिए नियमों का सम्मान करें’’ और ‘‘नियंत्रण को तनाव बढ़ाने की कार्रवाई न समझें।’’

अजीजी ने लिखा था, ‘‘यह युद्धविराम का उल्लंघन नहीं, बल्कि युद्धविराम का प्रबंधन है।’’

एक अमेरिकी अधिकारी ने अपनी पहचान गोपनीय रखने की शर्त पर ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि ‘यूएस सेंट्रल कमांड’ द्वारा सैन्य कार्रवाई की सोशल मीडिया पर घोषणा किए जाने के करीब एक घंटे बाद ईरान पर हमले समाप्त हो गए।

इस बीच, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने खबर दी है कि अमरीका के हवाई हमलों के जवाब में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने अमरीकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम अल-फिक़ार ने कहा था इस बार अमरीकी हमले पर ईरान की प्रतिक्रिया तेज और निर्णायक होगी। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में उन्होंने कहा था कि ईरान माकूल जवाब के लिये सही समय और स्थान का चुनाव करेगा।
ब्रिटिश सेना ने बृहस्पतिवार को ओमान के निकट समुद्र में कार्गो शिप को निशाना बनाये जाने की बात कही थी। इससे कुछ घंटे पहले ही ईरान ने इस मार्ग के इस्तेमाल के खिलाफ धमकी दी थी।