चंडीगढ़, पांच जुलाई (ए)। हरियाणा के हांसी में पिछले महीने एक जिम संचालक की हत्या में कथित रूप से शामिल लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटर बहादुरगढ़ में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए।
पुलिस ने बताया कि बहादुरगढ़ में शनिवार देर रात गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी।
उसने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों शूटर घायल हो गए, उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बहादुरगढ़ के पुलिस उपायुक्त मयंक मिश्रा ने रविवार को ‘ फोन पर बताया कि दोनों आरोपियों को आधी रात के बाद घेरकर रोका गया था।
हांसी में कपिल नामक जिम संचालक की 11 जून को मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय कपिल छह से सात लोगों के एक समूह को खुले मैदान में व्यायाम का प्रशिक्षण दे रहे थे। इस वारदात का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ था।
पुलिस जांच में सामने आया कि इस घटना को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े शूटर प्रवेश और हिमांशु ने अंजाम दिया था। दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
हरियाणा पुलिस की बहादुरगढ़ इकाई के विशेष कार्य बल को दिल्ली पुलिस की ‘काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल’ से दोनों शूटर के बारे में गुप्त सूचना मिली थी।
पुलिस ने बताया कि सूचना के आधार पर जब पुलिस ने दोनों को घेरकर रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने पुलिस दल पर गोलियां चलाईं और इस दौरान एक पुलिस कांस्टेबल के पैर में गोली लग गई। घायल कांस्टेबल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसका उपचार जारी है।
मुठभेड़ में घायल हुए दोनों शूटर को तुरंत बहादुरगढ़ के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, प्रवेश हिसार जिले के टिब्बा दानाशेर गांव से जबकि हिमांशु हिसार जिले के जाखोद खेड़ा गांव से था।

एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि पिछले महीने हांसी में जिम चलाने वाले कपिल नाम के एक व्यक्ति की दो अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी थी। इस घटना के संबंध में हांसी सिटी थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि यह अपराध लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो मुख्य शूटर्स प्रवेश और हिमांशु ने किया था।एसपी ने बताया कि रविवार सुबह काउंटर इंटेलिजेंस दिल्ली स्पेशल सेल यूनिट के इंचार्ज मंजीत को एक गुप्त सूचना मिली। इसके बाद दिल्ली स्पेशल सेल और बहादुरगढ़ एसटीएफ ने मिलकर घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार पता चला कि ये दोनों वॉन्टेड शूटर्स हथियारों और गोला-बारूद से लैस थे और किसी अपराध को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। उन्होंने बताया कि जब पुलिस की टीमें उन दोनों को पकड़ने के लिए आगे बढ़ीं तो तो उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस टीमों ने भी जवाबी फायरिंग की। इस गोलीबारी में एक पुलिस कांस्टेबल घायल हो गया, जबकि कई अन्य अधिकारियों की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोलियां लगीं।गोलीबारी में दोनों शूटर्स भी घायल हो गए। दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने दोनों शूटर्स को मृत घोषित कर दिया। वहीं, घायल कांस्टेबल को सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। एसपी ने बताया कि मामले में आगे की जांच की जा रही है।मुठभेड़ में मारे गए दोनों बदमाशों पर एक-एक लाख रुपए का इनाम था।