नयी दिल्ली: 24 जुलाई (ए)
) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 1.70 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में वाराणसी में उत्तर पूर्वी रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया है।
अधिकारी को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वह कथित तौर पर बकाया राशि जारी करने और भविष्य में ठेके दिलाने के बदले एक आपूर्तिकर्ता से रिश्वत ले रहा था।इस संबंध में जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक को बृहस्पतिवार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला बृहस्पतिवार को एक निजी कंपनी के मालिक की शिकायत पर दर्ज किया गया। यह कंपनी ‘गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस’ (जीईएम) में पंजीकृत है और इसने इस साल फरवरी से जून के बीच वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक के कार्यालय को 9.47 लाख रुपये के फर्नीचर की आपूर्ति की थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रेलवे अधिकारी ने 15 जुलाई को ‘‘पिछले भुगतान के बदले और शिकायतकर्ता के आगे के भुगतान को मंज़ूरी देने के लिए’’ 1.70 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की।
एजेंसी ने कहा कि आरोपी ने ‘‘शिकायतकर्ता को धमकी दी थी कि अगर उसकी मांग पूरी नहीं की गई, तो उसकी फर्म को आगे कोई ठेका नहीं दिया जाएगा।’’
बयान में कहा गया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने जाल बिछाया और ‘‘आरोपी को 1,70,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।’’गिरफ़्तारी के बाद, अधिकारी को लखनऊ की संबंधित अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे सात अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।